
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़े पाकिस्तान समर्थित आतंकी और आपराधिक नेटवर्क का पर्दाफाश किया है. इस कार्रवाई में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस का दावा है कि यह गिरोह पाकिस्तान में बैठे अपराधी हैंडलर शाहजाद भट्टी और उसके सहयोगी अजमल गुज्जर के निर्देश पर काम कर रहा था. वक्त रहते इस कार्रवाई से कई संभावित बड़ी वारदातों को रोका जा सका.
पुलिस जांच के अनुसार यह नेटवर्क पंजाब के रास्ते पाकिस्तान से अवैध हथियार, कारतूस और नशीले पदार्थ मंगाकर दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई करता था. गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और विभिन्न आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों के जरिए अपना नेटवर्क बढ़ा रहा था. इस मामले में मिली शुरुआती जानकारी के बाद स्पेशल सेल ने कई महीनों तक निगरानी की और फिर कार्रवाई को अंजाम दिया.
छापेमारी और गिरफ्तारी अभियान के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच पिस्टल, 41 जिंदा कारतूस, सात मोबाइल फोन और एक स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद की. बरामद मोबाइल फोन की जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं. पुलिस का मानना है कि इन उपकरणों से नेटवर्क के अन्य सदस्यों और विदेशी संपर्कों के बारे में अहम जानकारियां मिल सकती हैं.

जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर युवाओं को अपने जाल में फंसाता था. उन्हें कम समय में अधिक पैसा कमाने और अपराध की दुनिया की चमक-दमक दिखाकर प्रभावित किया जाता था. इसके बाद उन्हें अवैध हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे कामों में लगाया जाता था. पुलिस का कहना है कि इस तरीके से कई युवाओं को नेटवर्क से जोड़ा गया.
स्पेशल सेल को मई 2026 में सूचना मिली थी कि शाहजाद भट्टी और अजमल गुज्जर दिल्ली-एनसीआर में कुछ बड़ी वारदातों की साजिश रच रहे हैं. सूचना के आधार पर पुलिस ने एक विशेष ऑपरेशन शुरू किया. निगरानी और तकनीकी जांच के बाद पुलिस ने जाल बिछाकर मोहित उर्फ योगी को गिरफ्तार कर लिया.
मोहित की गिरफ्तारी के बाद जांच को बड़ी सफलता मिली. उसके पास से अवैध हथियार और पाकिस्तान में बैठे हैंडलरों से संपर्क से जुड़े सबूत मिले. पूछताछ के दौरान उसने नेटवर्क के कई अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी दी. इसी आधार पर पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए पूरे मॉड्यूल का खुलासा किया.

पूछताछ में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ. गिरोह के सदस्य दिल्ली, गाजियाबाद और आसपास के कई महत्वपूर्ण स्थानों की रेकी कर रहे थे. वे इन स्थानों की तस्वीरें और वीडियो बनाकर पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं तक भेजते थे. जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इन जानकारियों का इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था.
पुलिस का कहना है कि समय रहते की गई कार्रवाई से कई संभावित आतंकी हमलों को टाल दिया गया. रेकी और संवेदनशील स्थानों की जानकारी विदेश भेजे जाने की वजह से सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए कई एजेंसियां इस जांच से जुड़ सकती हैं.
जांच में यह भी पता चला कि पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार और नशीले पदार्थों की खेप पंजाब सीमा तक पहुंचाई जाती थी. इसके बाद नेटवर्क से जुड़े लोग इन खेपों को उठाकर दिल्ली-एनसीआर तक पहुंचाते थे. यह तरीका पिछले कुछ वर्षों में सीमा पार तस्करी के मामलों में लगातार सामने आता रहा है.

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इस नेटवर्क में शामिल कई आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी रहा है. कुछ आरोपियों पर हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के मामले पहले से दर्ज हैं. यही कारण है कि पुलिस इस मॉड्यूल को केवल तस्करी ही नहीं बल्कि एक संगठित आपराधिक नेटवर्क भी मान रही है.
गिरफ्तार आरोपियों में सबसे पहला नाम अनस उर्फ अनस त्यागी का है. 26 वर्षीय अनस गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र के अशोक विहार का निवासी है. उसके खिलाफ पहले से तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं. जांच में सामने आया कि नवंबर 2025 से उसका पाकिस्तान में बैठे अजमल गुज्जर और शाहजाद भट्टी से सैकड़ों बार संपर्क हुआ था.
दूसरा आरोपी मोहित उर्फ योगी है, जिसकी उम्र 26 वर्ष है और वह सरस्वती विहार, लोनी का रहने वाला है. पुलिस के अनुसार नवंबर 2025 से उसका पाकिस्तान में बैठे अजमल गुज्जर से हजारों बार संपर्क हुआ था. इसी आरोपी की गिरफ्तारी से पूरे नेटवर्क के खुलासे की शुरुआत हुई.

तीसरे आरोपी दीपक उर्फ दीपक अग्रोला को भी गिरफ्तार किया गया है. 38 वर्षीय दीपक ट्रोनिका सिटी के गांव अग्रोला का निवासी है. उसके खिलाफ हत्या, डकैती, हत्या के प्रयास और गैंगस्टर एक्ट समेत 23 आपराधिक मामले दर्ज हैं. जांच में पता चला कि मार्च 2026 से उसका अजमल गुज्जर और शाहजाद भट्टी से 100 से अधिक बार संपर्क हुआ था.
गिरफ्तार आरोपियों में आरिफ उर्फ प्रधान और करणवीर सिंह भी शामिल हैं. आरिफ लोनी के गांव चिरोड़ी का निवासी है और उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट तथा एनडीपीएस एक्ट के दो मामले दर्ज हैं. वहीं पंजाब के फतेहगढ़ साहिब निवासी करणवीर सिंह पर एनडीपीएस एक्ट का एक मामला दर्ज है. जांच में दोनों के पाकिस्तान में बैठे अजमल गुज्जर से संपर्क होने की पुष्टि हुई है.

पुलिस ने जतन और साबिर को भी इस मॉड्यूल में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया है. जतन ट्रोनिका सिटी के गांव अग्रोला का निवासी है और उसके खिलाफ हत्या के प्रयास के दो मामले दर्ज हैं. वहीं साबिर, जो लोनी के गांव चिरोड़ी का रहने वाला है, नेटवर्क की गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में पकड़ा गया है.

दिल्ली पुलिस अब फरार आरोपियों, हथियार सप्लायरों और फंडिंग करने वाले लोगों की तलाश कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.