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राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: न्यायिक हिरासत में भेजे गए सभी 8 आरोपी, अब तक 80 लाख रुपये बरामद

इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव शामिल हैं.

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जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से पांच से छह लोग बैंक कर्मचारी हैं. (AI Generated Image)
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से पांच से छह लोग बैंक कर्मचारी हैं. (AI Generated Image)

राम मंदिर में चढ़ावे के गबन मामले में गिरफ्तार किए गए सभी आठ आरोपियों को अदालत ने 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि मामले की सुनवाई मुहर्रम अवकाश के कारण विशेष रिमांड मजिस्ट्रेट निवेदिता सिंह की अदालत में हुई.

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक अभियोजन अधिकारी के.सी. वर्मा ने बताया कि पुलिस ने फिलहाल आरोपियों की पुलिस रिमांड नहीं मांगी है. सभी आरोपियों को सोमवार, 29 जून को फिर अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उनकी हिरासत (कस्टोडियल रिमांड) की मांग कर सकती है.

इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव शामिल हैं.

अब तक 79 लाख रुपये बरामद

अभियोजन अधिकारी के मुताबिक, जांच के दौरान अब तक 79.85 लाख रुपये बरामद किए जा चुके हैं. उन्होंने बताया कि आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और लोकसेवकों द्वारा आपराधिक विश्वासघात से जुड़ी धाराएं भी लगाई गई हैं, क्योंकि आरोपी सार्वजनिक दायित्व निभा रहे थे और उन पर चढ़ावे में गबन का आरोप है. 

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गिरफ्तार आरोपियों में टिन्नू यादव ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का ड्राइवर है. इस मामले के बाद चंपत राय ने पद से इस्तीफा दे दिया है. वहीं अन्य आरोपी सुभाष चंद्र रिटायर्ड बैंककर्मी है. वह भी इस पूरे षड्यंत्र में शामिल है. हालांकि उसके पास से कोई बरामदगी नहीं हुई है.

आरोपी टिन्नू और सुभाष ने पूछताछ में कई अहम जानकारियां दी हैं. पूछताछ के दौरान उन्होंने बैंक के कई ऐसे अधिकारियों के नाम भी बताए हैं जो उनके साथ मिले हुए थे.

बता दें कि यह मामला राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नकद और कीमती सामान के कथित गबन से जुड़ा है. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी. फिलहाल इस पूरे प्रकरण की जांच एसआईटी और अयोध्या पुलिस संयुक्त रूप से कर रही हैं.

जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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