अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पद के लिए पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने आवेदन किया है. उनके आवेदन के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में नई चर्चा शुरू हो गई है. ट्रस्ट पहले ही देशभर के योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित कर चुका है. चयन प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है.
राम मंदिर ट्रस्ट में हाल ही में सामने आए चढ़ावा चोरी विवाद के बाद प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है. इसी क्रम में नए CEO की नियुक्ति का फैसला लिया गया. ट्रस्ट का मानना है कि नई नियुक्ति के जरिए मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत किया जाएगा. इसी बीच अमिताभ ठाकुर का आवेदन चौंकाने वाला है.
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय समेत कई जिम्मेदार पदाधिकारियों के इस्तीफों के बाद नई नियुक्तियों की प्रक्रिया तेज कर दी गई है. ट्रस्ट ने CEO पद के लिए देशभर से आवेदन मांगे हैं. इच्छुक उम्मीदवार ईमेल searchcommittee.srjbt@gmail.com के जरिए अपना आवेदन भेज सकते हैं. अंतिम तिथि 18 जुलाई शाम 4 बजे तक निर्धारित की गई है.
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से जारी पात्रता शर्तों के मुताबिक उम्मीदवार की आयु 50 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए. इसके साथ ही किसी बड़े सार्वजनिक संगठन, सरकारी विभाग, संस्थान या कंपनी में कम से कम 20 वर्ष का प्रबंधकीय अनुभव होना अनिवार्य है. शैक्षणिक योग्यता के तौर पर मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री जरूरी रखी गई है.
इसके अलावा उम्मीदवार का 'सनातनी हिंदू' होना और नियमित रूप से पूजा-पाठ करने वाला होना आवश्यक है. ट्रस्ट ने कहा है कि वैष्णव परंपरा से जुड़े राम भक्तों को चयन प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जाएगी. इसके साथ ही भाषाई योग्यता भी चयन का महत्वपूर्ण आधार होगी. उम्मीदवार को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का अच्छा ज्ञान होना चाहिए.
वहीं किसी मंदिर या हिंदू धार्मिक संस्थान में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के रूप में कार्य कर चुके सेवानिवृत्त अधिकारियों को विशेष प्राथमिकता देने की बात भी कही गई है. ट्रस्ट के अनुसार CEO सीधे महासचिव (जनरल सेक्रेटरी) को रिपोर्ट करेंगे. चयनित उम्मीदवार का वेतन और अन्य सुविधाएं आपसी बातचीत के बाद योग्यता के आधार पर तय की जाएंगी.
जानकारी के मुताबिक, चढ़ावा चोरी मामले पर हुई बैठक के बाद ही ट्रस्ट ने CEO की नियुक्ति का निर्णय लिया था. प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए तीन सदस्यीय सर्च कमेटी गठित की गई है. इसमें सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति प्रदीप कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकान्त चतुर्वेदी और श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट, शिरडी के पूर्व अध्यक्ष सुरेश हावड़े को शामिल हैं.