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यूपी रेरा की बिल्डरों को सख्त चेतावनी, तय दर से ज्यादा GST ली तो होगा एक्शन

नए नियमों के मुताबिक, प्रोजेक्ट कैंसिल होने या अलॉटमेंट रद्द होने की स्थिति में खरीदार अब सीधे GST पोर्टल के जरिए अपने रिफंड का दावा कर सकते हैं. अथॉरिटी ने इसके लिए 2 साल की समय-सीमा तय की है और सभी बिल्डरों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि वे तय दरों से एक भी रुपया ज्यादा न वसूलें.

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बिल्डर की जेब से वापस आएगा आपका GST! (Photo-ITG)
बिल्डर की जेब से वापस आएगा आपका GST! (Photo-ITG)

उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (UP RERA) ने घर खरीदारों के लिए एक अच्छी खबर दी है. अगर किसी बिल्डर ने ग्राहक से तय दर से ज्यादा जीएसटी वसूल लिया है, तो अब उसे वापस पाने का रास्ता साफ कर दिया गया है. साथ ही, यूपी रेरा ने सभी बिल्डरों को सख्त निर्देश दिया है कि वे तय GST दर से ज्यादा पैसा ना लें.

UP RERA में रजिस्टर्ड हर प्रोजेक्ट में GST बस उतनी ही वसूली जा सकती है, जितनी केंद्र सरकार ने तय की है. ये दरें 8 जनवरी 2025 को एक पत्र (नंबर 212/यूपी रेरा/2024-25) के जरिए पहले ही सभी बिल्डर्स और एजेंट्स को बता दी गई थीं और ये जानकारी अथॉरिटी की वेबसाइट पर भी मौजूद है. लेकिन इसके बावजूद कुछ मामलों में देखा गया कि ग्राहकों से तय रकम से ज्यादा GST वसूल ली गई.

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घर खरीदार रिफंड कैसे पाएं?

ऐसे परेशान ग्राहकों की मदद के लिए UP RERA ने राज्य टैक्स डिपार्टमेंट से बात करके प्रोसेस को साफ किया है. मान लीजिए किसी ने फ्लैट खरीदते समय GST चुका दी, लेकिन बाद में प्रोजेक्ट कैंसिल हो गया, कॉन्ट्रैक्ट टूट गया या आवंटन रद्द हो गया और बिल्डर के पास अब क्रेडिट नोट देने का कानूनी समय भी खत्म हो चुका है, तो ऐसे में ग्राहक सीधे GST विभाग से रिफंड मांग सकता है.

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  • सबसे पहले अपने पैन कार्ड (PAN) से जीएसटी पोर्टल पर एक अस्थायी रजिस्ट्रेशन कराएं.
  • फिर "Refund for Unregistered Person" कैटेगरी में FORM GST RFD-01 भरें.
  • साथ में टैक्स भरने का सबूत, जरूरी कागज़ात और बिल्डर से मिला सर्टिफिकेट लगाएं.
  • सारे दस्तावेज़ चेक होने के बाद अधिकारी रिफंड मंजूर कर देंगे.

कितने समय में मिलेगी कितनी रकम?

अगर कॉन्ट्रैक्ट टूटने के समय बिल्डर के पास क्रेडिट नोट देने का समय अभी बचा है, तो बिल्डर खुद ग्राहक को GST समेत पूरा पैसा लौटाएगा. ग्राहक को खुद तभी आवेदन करना होगा. जब ये समय-सीमा निकल चुकी हो. रिफंड का दावा कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल/टूटने की तारीख से 2 साल के अंदर करना होगा. अगर GST की रकम ₹1,000 से कम है, तो रिफंड नहीं मिलेगा.

बिल्डरों के लिए सख्त निर्देश

UP RERA ने सभी बिल्डरों से कहा है कि वो तय GST दर का पूरी तरह पालन करें और किसी भी सूरत में ज्यादा पैसा न वसूलें. जहां भी ज्यादा GST ली गई है, वहां नियमों के मुताबिक एक्शन लेकर पैसा वापस दिलवाया जाएगा. पूरी जानकारी और सर्कुलर यूपी रेरा की वेबसाइट www.up-rera.in पर मौजूद है. अथॉरिटी का कहना है कि रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता और ग्राहकों के हितों की रक्षा उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है.

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