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तीन लोगों को खोया, अब छोटे बेटे को पुलिस में नहीं भेजना चाहतीं... उमेश पाल के गनर की मां का छलका दर्द

यूपी के प्रयागराज में उमेश पाल के साथ ही उनके गनर राघवेंद्र सिंह की भी हत्या कर दी गई थी. अब जब हत्याकांड के आरोपी अतीक अहमद के बेटे असद और शूटर गुलाम का एनकाउंटर कर दिया गया है. राघवेंद्र सिंह की मां का कहना है कि हम नहीं चाहते कि मेरा छोटा बेटा पुलिस में भर्ती हो, परिवार के तीन लोगों की जान पुलिस की नौकरी के दौरान चली गई.

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उमेश पाल के गनर राघवेंद्र सिंह की मां.
उमेश पाल के गनर राघवेंद्र सिंह की मां.

बीते 24 फरवरी को यूपी के प्रयागराज में हुए उमेश पाल हत्याकांड के दौरान पुलिस के जवान राघवेंद्र सिंह की भी हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड के आरोपी अतीक अहमद के बेटे असद और शूटर गुलाम का झांसी में एनकाउंटर कर दिया गया. इस एनकाउंटर के बाद राघवेंद्र के परिजनों से बातचीत की.

एनकाउंटर के बाद शहीद राघवेंद्र की मां, राघवेंद्र की बहन और राघवेंद्र के भाई ने योगी सरकार को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा कि आज उन्हें अपार खुशी मिली है. राघवेंद्र की आत्मा को शांति मिली है.

बातचीत के दौरान राघवेंद्र की मां ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने की इच्छा भी जाहिर की. उन्होंने कहा कि अपने बेटे के लिए नौकरी की बात करने के लिए मिलना चाहती हूं. उन्होंने कहा कि वह नहीं चाहतीं कि अब उनका इकलौता बेटा पुलिस में जाए. उनका कहना है कि एक ही बेटा बचा है. हमारे परिवार ने पुलिस में 3 लोगों को खोया है. एक बेटे पर दोनों बेटियों की और मेरी जिम्मेदारी है.

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राघवेंद्र की मां ने कहा कि आज राघवेंद्र की आत्मा को शांति मिली है. हम योगी सरकार से कहना चाहते हैं कि तीन पीढ़ियां पुलिस विभाग में रहीं है. हमारे ससुर और पति भी पुलिस विभाग में थे. बेटा राघवेंद्र गनर था, उसकी हत्या हुई. हमारी तीन पीढ़ियां पुलिस में खो गईं.

उन्होंने कहा कि हम योगी सरकार से प्रार्थना करते हैं कि हमारे बच्चे ने पढ़ाई कर ली है, पुलिस विभाग में नहीं किसी और विभाग में हमारे बच्चे को नौकरी दें, ताकि हमारे बच्चे की सुरक्षा हो सके और तीन बच्चों को हम पाल सकें. हम योगी से मिलना चाहते हैं, अपने दिल की बात कहना चाहते हैं.

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राघवेंद्र की बहन ने कहा कि मेरा भाई घर की सारी देखरेख कर रहा था. उसके न रहने पर तमाम समस्याएं आ रही हैं. मेरा एक और भाई है. उसकी नौकरी सही जगह लग जाए, जिससे घर में बाकी काम सही से होने लगें. जिसे योगी बाबा चाहें तो सही जगह पर आ जाएगा. हम लोगों की आर्थिक मदद भी हो जाएगी.

राघवेंद्र की बहन का कहना है कि मम्मी की तबीयत बहुत खराब रहती है. वहीं राघवेंद्र के भाई ने कहा कि उमेश हत्याकांड में अतीक अहमद का लड़का और उनके जो भी गुर्गे थे, उनको ऐसी सजा मिली, इसके लिए हम धन्यवाद देते हैं. न्याय हो गया है. जिस तरीके से उन लोगों ने गलत किया, उनको उसी तरीके सजा मिली.

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4 मई को होनी थी राघवेंद्र की शादी

राघवेंद्र की बहन प्रिया सिंह ने बताया कि इसी साल 30 अप्रैल को तिलक और 4 मई को भाई राघवेंद्र की शादी होनी थी. इसको लेकर घर में खुशियों का माहौल था, तैयारियां चल रही थीं. इसी बीच राघवेंद्र का तबादला हरदोई से प्रयागराज हो गया था.

24 फरवरी की दोपहर हुई थी गोलीबारी

उत्तर प्रदेश का प्रयागराज शहर, दिन- 24 फरवरी 2023, समय- दोपहर के 4 बजकर 55 मिनट. राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनर पर इसी समय शूटरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी थी.

तकरीबन 50 सेकंड में अंधाधुंध गोलीबारी के साथ बमबाजी हुई, जिसमें उमेश पाल की मौत हो गई थी. उमेश की सुरक्षा में लगे एक कॉन्स्टेबल संदीप निषाद की भी मौके पर ही मौत हो गई थी, वहीं दूसरे गनर राघवेंद्र ने अस्पताल में दम तोड़ दिया था.

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इस घटना का वीडियो सामने आया था, जिसमें राघवेंद्र जान बचाकर घर में घुसते दिखे थे. उसी दौरान पीछे से गुड्डू मुस्लिम ने बम से हमला कर दिया था. बम का धमाका होते ही सब धुआं-धुआं हो गया था. 

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लखनऊ में इलाज के दौरान तोड़ दिया था दम

घायल कॉन्स्टेबल राघवेंद्र सिंह को इलाज के लिए लखनऊ ले जाया गया था, लेकिन इलाज के दौरान अस्पताल में राघवेंद्र ने दम तोड़ दिया था. पीजीआई निदेशक आरके धीमान ने सिपाही की मौत की पुष्टि की थी.

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