
प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट ने शहर में एक ही परिवार के 4 सदस्यों की सनसनीखेज हत्या की गुत्थी को महज 12 घंटे के भीतर सुलझा लिया है. पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी सनी गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस के अनुसार, 2 जून 2026 को मंजीत केसरवानी ने सूचना दी कि उनके मामा वीरेंद्र वैश्य का घर पिछले दो दिनों से बंद है और अंदर से बदबू आ रही है. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब घर का ताला तोड़ा, तो अंदर वीरेंद्र, उनकी पत्नी अनीता वैश्य, बेटी मीनाक्षी वैश्य और भांजे अभिषेक वैश्य के शव बरामद हुए.
आरोपी ने कबूला जुर्म
पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में आरोपी सनी गुप्ता ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. उसने बताया कि अभिषेक वैश्य आर्थिक तंगी से जूझ रहा था और उसके पिता ने उसे संपत्ति से बेदखल कर दिया था.
अभिषेक ने मिलकर लूट के इरादे से हत्याकांड की साजिश रची थी
आरोपी ने खुलासा किया कि उसने पहले अभिषेक की बहन की हत्या की, फिर ऊपर जाकर उसके माता-पिता को मार डाला. इसके बाद लूट के बंटवारे को लेकर हुए विवाद में उसने अपने साथी अभिषेक की भी हत्या कर दी. सबूत मिटाने के लिए उसने शवों पर डिटर्जेंट पाउडर और तेजाब का इस्तेमाल किया.

पुलिस ने आरोपी के पास से ये वस्तुएं बरामद की हैं-
हत्या में प्रयुक्त हथियार: 01 लोहे का पाइप
लूट का सामान: 1002.12 ग्राम पीली धातु (सोना) और 360.56 ग्राम सफेद धातु (चांदी)
नकदी: 1000 रुपये
प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट की संयुक्त टीम ने तत्परता दिखाते हुए इस जघन्य अपराध का खुलासा किया है, जिसके बाद अब मामले में लूट की धाराएं भी जोड़ दी गई हैं. डीसीपी जोगिंदर कुमार के मुताबिक, मृतक वीरेंद्र वैश्य के कर्जदार बेटे अभिषेक ने अपने दोस्त सनी गुप्ता (दुकानदार) के साथ मिलकर लूट और परिवार के खात्मे की साजिश रची थी. 31 मई को दोनों ने पहले बहन मीनाक्षी और फिर सोते हुए माता-पिता की हत्या की. बाद में आभूषण के बंटवारे के विवाद में सनी ने अभिषेक को भी मार डाला और लाश पर तेजाब डाल दिया. पुलिस ने मुख्य आरोपी सनी गुप्ता को गिरफ्तार कर करीब 1.5 करोड़ रुपये के जेवरात बरामद किए हैं.