उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों की तुलना में मानसूनी गतिविधियों में अब धीरे-धीरे कमी आने लगी है. हालांकि प्रदेश के कई जिलों में आज बुधवार (22 जुलाई) को भी भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के लखनऊ स्थित क्षेत्रीय मौसम केंद्र ने बताया है कि बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के कमजोर पड़ने और मानसून का के दक्षिण की ओर खिसकने के कारण प्रदेश में मानसून की सक्रियता घट रही है. इसके बावजूद कुछ जिलों में भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है.
आज इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
आईएमडी के प्रभाव आधारित पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार को बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, सोनभद्र, मिर्जापुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश होने की संभावना है. इन इलाकों में लोगों को मौसम की बदलती परिस्थितियों को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है. मौसम विभाग के अनुसार 22 जुलाई को पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अनेक स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना है. मौसम विभाग ने दोनों क्षेत्रों में कहीं-कहीं भारी वर्षा की भी चेतावनी जारी की है.
23 से 25 जुलाई तक क्या रहेगा मौसम
आईएमडी के मुताबिक 23, 24 और 25 जुलाई के लिए फिलहाल कोई विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है. हालांकि इन दिनों प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश या बौछारें पड़ सकती हैं. मौसम विभाग का कहना है कि इस अवधि में मानसूनी गतिविधियां अपेक्षाकृत कमजोर रहेंगी. आईएमडी ने कहा है कि 26 जुलाई से उत्तर प्रदेश में मानसूनी गतिविधियों में फिर बढ़ोतरी होने की संभावना है. यानी महीने के अंतिम सप्ताह में बारिश का एक नया दौर शुरू हो सकता है.
तापमान में होगी बढ़ोतरी
मौसम विभाग के अनुसार मानसूनी गतिविधियों में कमी आने के साथ अगले चार से पांच दिनों के दौरान प्रदेश के अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है. तापमान सामान्य के आसपास पहुंच सकता है. आईएमडी ने भारी बारिश वाले क्षेत्रों के लिए आगाह किया है कि निचले इलाकों में जलभराव, छोटे पुलों और सड़कों पर पानी भरने, नदी-नालों के जलस्तर में अचानक वृद्धि तथा यातायात प्रभावित होने की आशंका है. भारी वर्षा के दौरान दृश्यता कम होने से सड़क परिवहन पर भी असर पड़ सकता है. कच्चे और अस्थायी ढांचों को नुकसान पहुंचने की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि बाढ़ संभावित और निचले क्षेत्रों से दूर रहें. जलमग्न सड़कों, पुलों और सुरंगों से गुजरने से बचें. यदि अत्यधिक बारिश हो रही हो तो सुरक्षित पक्के भवनों में ही रहें. वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें और मौसम सामान्य होने तक अनावश्यक यात्रा से बचें.
पूरे मानसून सीजन में अब तक कितनी बारिश
आईएमडी के अनुसार 21 जुलाई तक पूरे उत्तर प्रदेश में सामान्य 275.1 मिमी के मुकाबले 225.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 18 प्रतिशत कम है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में वर्षा लगभग सामान्य रही है और यहां केवल 2 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है.
पिछले 24 घंटे में कहां हुई सबसे ज्यादा बारिश
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार सुबह 8:30 बजे तक बीते 24 घंटों में सबसे अधिक 190 मिमी वर्षा मिर्जापुर के चुनार में रिकॉर्ड की गई. इसके अलावा सिद्धार्थनगर के उस्का बाजार में 120.8 मिमी, शाहजहांपुर में 125.2 मिमी और संभल के गुन्नौर में 125 मिमी बारिश दर्ज की गई. वहीं गोरखपुर, चित्रकूट, बलिया, बलरामपुर, सोनभद्र, उन्नाव, कानपुर नगर, बाराबंकी, सीतापुर, लखीमपुर खीरी और बदायूं समेत कई जिलों में भी भारी बारिश रिकॉर्ड की गई. मौसम विभाग का कहना है कि बुधवार को दक्षिणी उत्तर प्रदेश के जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी, जबकि इसके बाद कुछ दिनों तक बारिश की तीव्रता में कमी आ सकती है. हालांकि 26 जुलाई से मानसून के दोबारा सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं.