गाजियाबाद में एक डॉक्टर के लापता होने के एक दिन बाद उनका शव ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर कार के अंदर मिला. कार काफी देर से एक ही जगह खड़ी थी. किसी ने पुलिस को इसकी सूचना दी तो डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची. कार खोली गई तो अंदर 30 वर्षीय डॉक्टर शिवम कार्तिकेय मृत मिले. कार से कई इंजेक्शन और दवाइयां भी मिली हैं. पुलिस को शुरुआती जांच में ओवरडोज की आशंका है, लेकिन मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही साफ होगी.
दरअसल, गाजियाबाद में बुधवार दोपहर ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर एक कार काफी देर से खड़ी थी. आने-जाने वाले लोगों की नजर कार पर पड़ी तो उन्हें कुछ गड़बड़ लगी. कार के अंदर एक व्यक्ति दिखाई दे रहा था. इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई. डायल-112 पर दोपहर करीब 2:30 बजे कॉल पहुंची. सूचना मुरादनगर थाना क्षेत्र के ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे की थी. ब्रेजा कार काफी देर से सड़क किनारे खड़ी है और उसके अंदर एक व्यक्ति का शव दिखाई दे रहा है.

सूचना मिलते ही मुरादनगर पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने कार की जांच की तो अंदर एक व्यक्ति मृत अवस्था में मिला. शव को कार से बाहर निकाला गया और कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. इसके बाद मृतक की पहचान हुई. मृतक की पहचान 30 वर्षीय डॉ. शिवम कार्तिकेय के रूप में हुई. वह गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन स्थित वीवीआईपी मंगल सोसाइटी में अपने परिवार के साथ रहते थे.
शिवम पहले से लापता थे. परिजनों ने 29 सितंबर को नंदग्राम थाने में उनकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी. इसके बाद पुलिस उनकी तलाश कर रही थी. परिवार डॉक्टर शिवम को खोज रहा था, लेकिन अगले दिन उनका शव मुरादनगर इलाके में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर खड़ी कार में मिला. शुरुआती जांच में कार के अंदर कई इंजेक्शन और दवाइयां मिली हैं. इन्हीं चीजों को अब जांच के दायरे में रखा गया है. पुलिस को आशंका है कि इंजेक्शन या दवाइयों की अधिक मात्रा लेने की वजह से डॉक्टर की मौत हुई हो सकती है. हालांकि अभी इसे मौत की अंतिम वजह नहीं माना गया है, क्योंकि किसी की मौत की वास्तविक वजह सिर्फ आशंका के आधार पर तय नहीं की जा सकती.
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पुलिस के मुताबिक, डॉक्टर के शरीर पर प्रथमदृष्टया चोट के कोई निशान नहीं मिले हैं. इसके बावजूद मौत की परिस्थितियों को लेकर पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है. अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है. पोस्टमार्टम के बाद यह साफ हो सकेगा कि डॉक्टर की मौत किस वजह से हुई. पुलिस कार से बरामद इंजेक्शन और दवाइयों की भी जांच करा रही है.

यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कौन सी दवाइयां थीं और उनका इस्तेमाल किस तरह हुआ. मोबाइल और दूसरी जानकारी भी जांच का हिस्सा हो सकती है. पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि डॉक्टर घर से कब निकले थे, एक्सप्रेसवे तक कैसे पहुंचे और आखिरी बार उनकी किससे बात हुई थी.
एसीपी मुरादनगर सुनील कुमार ने बताया कि ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे पर कार में शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी. शव की पहचान डॉ. शिवम कार्तिकेय के रूप में हुई है. प्रथमदृष्टया शरीर पर चोट के निशान नहीं मिले हैं. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है. फिलहाल पुलिस परिजनों से भी जानकारी जुटा रही है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है.
एक दिन पहले दर्ज हुई गुमशुदगी और अगले दिन एक्सप्रेसवे पर कार में डॉक्टर का शव मिलने से परिवार में कोहराम मचा हुआ है. पुलिस के सामने फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि शिवम कार लेकर ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे तक क्यों पहुंचे और कार के अंदर मिली इंजेक्शन-दवाइयों का उनकी मौत से क्या संबंध है.