दिल्ली रोड पर मंगलवार रात एक काली कार तेजी से आगे बढ़ रही थी. कार का एक दरवाजा खुला हुआ था. अंदर से चीखने-चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं और एक महिला बाहर निकलने की कोशिश करती दिख रही थी. सड़क पर यह नजारा देखने वाले लोगों को लगा कि किसी महिला का अपहरण किया जा रहा है. कुछ ही देर में इस घटना का वीडियो बन गया और फिर पूरे इलाके में चर्चा शुरू हो गई.
मामला मेरठ के ब्रह्मपुरी रैपिड स्टेशन के पास का है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक महिला ने चलती कार का गेट खोल दिया और बाहर कूदने का प्रयास किया. हैरानी की बात यह थी कि कार चालक ने गाड़ी नहीं रोकी. काफी दूर तक कार का दरवाजा खुला रहा और वाहन चलता रहा. पीछे स्कूटी पर आ रहे एक ट्रांसपोर्टर और उसके साथी को यह घटना संदिग्ध लगी. उन्हें लगा कि महिला किसी मुसीबत में है. उन्होंने कार का पीछा करना शुरू कर दिया और पूरी घटना का वीडियो बना लिया.
वीडियो बाद में ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष तक पहुंचा. इसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई कि एक महिला का अपहरण कर उसे जबरन ले जाया जा रहा है. वायरल वीडियो और शिकायत ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया. मामले को गंभीरता से लेते हुए रात में ही कई थानों की पुलिस सक्रिय हो गई. परतापुर, ब्रह्मपुरी और टीपी नगर थाना पुलिस को कार की तलाश में लगाया गया. पुलिस ने कई इलाकों में छानबीन की, लेकिन शुरुआती घंटों में कार और उसमें सवार लोगों का पता नहीं चल सका.
बुधवार को जांच और तेज कर दी गई. एसपी सिटी विनायक गोपाल भोंसले खुद मामले की निगरानी में जुट गए. पुलिस ने आसपास के कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की और कार की लोकेशन का पता लगाने का प्रयास किया. कई घंटों की जांच के बाद पुलिस आखिरकार उस गाड़ी तक पहुंच गई, जिसका वीडियो वायरल हुआ था. लेकिन जब पुलिस ने पूरी सच्चाई जानी तो कहानी वैसी नहीं निकली जैसी वायरल वीडियो देखकर लोगों ने समझी थी.
चलती कार और खुला दरवाजा देखकर बढ़ा शक
जांच में सामने आया कि मामला किसी अपहरण का नहीं, बल्कि पति-पत्नी के बीच हुए विवाद का था. पुलिस के अनुसार, इमरान और उसकी पत्नी निशा के बीच घर से निकलने से पहले खाने को लेकर कहासुनी हो गई थी. बताया गया कि खाने में बाल निकलने पर दोनों के बीच तकरार शुरू हुई. धीरे-धीरे विवाद बढ़ गया और कार में भी दोनों के बीच बहस जारी रही.
इसी दौरान नाराज निशा ने चलती गाड़ी का गेट खोल दिया और कूदने की धमकी देने लगी. सड़क पर मौजूद लोगों ने जब यह दृश्य देखा तो उन्हें लगा कि महिला को जबरन कहीं ले जाया जा रहा है. यहीं से अपहरण की आशंका ने जन्म लिया. पुलिस जांच में पता चला कि विवाद के बावजूद इमरान ने गाड़ी नहीं रोकी और कार लेकर आगे बढ़ता रहा. इसके बाद वह परतापुर की ओर गया. फिर सरस्वती लोक कॉलोनी होते हुए लिसाड़ी गांव पहुंचा.
जांच में यह भी सामने आया कि लिसाड़ी गांव में इमरान की भतीजी अतिका शाह रहती है. इमरान अपनी पत्नी और बच्चे को वहीं छोड़कर रात में ही दिल्ली के लिए निकल गया. पुलिस ने बाद में निशा तक पहुंचकर उसके बयान दर्ज किए. महिला ने पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी. इसके बाद पुलिस ने इमरान को भी गाड़ी सहित मेरठ बुलाया है ताकि मामले की आगे की औपचारिक जांच पूरी की जा सके.
वायरल वीडियो की कहानी और जांच का खुलासा
यह मामला इस वजह से भी चर्चा में रहा क्योंकि वायरल वीडियो में जो दिखाई दे रहा था, उससे एक गंभीर अपराध की आशंका पैदा हो गई थी. खुला दरवाजा, चलती कार, महिला की आवाजें और चालक का गाड़ी न रोकना, इन सभी बातों ने लोगों को यह विश्वास दिला दिया था कि कोई बड़ी वारदात हो रही है. हालांकि पुलिस जांच में सामने आया कि मामला घरेलू विवाद से जुड़ा था और अपहरण जैसी कोई घटना नहीं हुई थी. फिलहाल पुलिस ने महिला के बयान दर्ज कर लिए हैं और पूरे घटनाक्रम को रिकॉर्ड में लिया जा रहा है. वायरल वीडियो के कारण शुरू हुआ यह मामला जांच के बाद पति-पत्नी के आपसी विवाद के रूप में सामने आया है.