उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में हत्या के एक आरोपी ने अदालत में अपनी मौत साबित करने के लिए, चिता पर रखे शव की AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनी एक तस्वीर का इस्तेमाल करके अपना डेथ सर्टिफिकेट हासिल कर लिया.
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गाजीपुर में एक बकरे का अंतिम संस्कार किया और AI की मदद से अपनी जगह बकरे के शव को दिखाकर कानूनी कार्रवाई से बचने की कोशिश की. साथ ही, उसने स्टॉक मार्केट में निवेश के नाम पर लोगों से जो पैसे लिए थे, उन्हें वापस न करने के लिए भी यह साजिश रची.
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) अनूप कुमार ने बताया कि पुलिस ने रविवार को मऊ के कोतवाली नगर थाना क्षेत्र के रहने वाले 38 वर्षीय राजकुमार राजभर उर्फ राजू को गिरफ्तार कर लिया है.
हत्या के मुकदमे से बचने के लिए रची मौत की कहानी
अधिकारी ने बताया कि राजकुमार राजभर 2016 में योगेश सिंह की हत्या के मामले में आरोपी है. योगेश सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. मुकदमे के दौरान, राजभर ने अपनी मौत की एक झूठी कहानी गढ़ी और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए अदालत में फर्जी दस्तावेज पेश किए.
स्टॉक मार्केट में निवेश के नाम पर भी पैसे लेने का आरोप
राजभर ने 12वीं तक की पढ़ाई भी पूरी नहीं की है. स्टॉक मार्केट में ट्रेडिंग करता था. उसने कई शहरों के प्रमुख लोगों से यह कहकर पैसे लिए थे कि वह उन्हें स्टॉक मार्केट में निवेश करेगा.
पुलिस ने बताया कि खुफिया जानकारी मिलने पर कोतवाली नगर पुलिस ने SOG (स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप) और सर्विलांस टीम की मदद से रविवार सुबह मऊ के ख्वाजाजहांपुर इलाके के पास से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने 30 मई 2025 को गाजीपुर में अपनी मौत का नाटक रचने की साजिश रची थी. इसके तहत, उसने श्मशान घाट पर चिता पर रखे शव की AI से बनी एक तस्वीर का इस्तेमाल किया.
आरोप है कि उसने अपनी मौत की कहानी को सच साबित करने के लिए अंतिम संस्कार और शव यात्रा की तस्वीरें भी तैयार करवाई थीं.
नगर परिषद से हासिल किया मृत्यु प्रमाण पत्र
इसके बाद, राजभर ने मऊ नगर परिषद से डेथ सर्टिफिकेट सहित कई दस्तावेज हासिल कर लिए. फिर, वह इन दस्तावेजों को अदालत में पेश करके अपनी मौत साबित करने की कोशिश करने के बाद कहीं छिप गया. हालांकि, जांच के बाद पुलिस ने कथित साजिश का पर्दाफाश किया और उसे गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ कोतवाली नगर थाने में मामला दर्ज किया गया है. उस पर आरोप है कि उसने खुद को मृत दिखाने के लिए फर्जी दस्तावेज हासिल किए थे. बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं.