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'Reel देखती थी इसलिए जिंदा हूं', मथुरा नाव हादसे में बची महिला का दावा

वृंदावन नाव हादसे में बचीं लुधियाना की राजिंदर कौर ने बताया कि सोशल मीडिया पर देखी रील्स की वजह से उन्हें बचाव का तरीका पता था, जिससे उनकी जान बच गई. हादसे में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है, कई परिवार उजड़ गए. तीसरे दिन 250 जवानों ने 20 किमी क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें डिंकी और ऋषभ शर्मा के शव मिले. अब तक 22 लोगों को बचाया गया है, जबकि 2 लोग अब भी लापता हैं.

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महिला ने कहा कि अगर रील नहीं देखा होता तो आज दुनिया में नहीं होती. (Photo: PTI)
महिला ने कहा कि अगर रील नहीं देखा होता तो आज दुनिया में नहीं होती. (Photo: PTI)

उत्तर प्रदेश के मथुरा के वृंदावन में हुए दर्दनाक नाव हादसे के बीच एक चौंकाने वाली कहानी सामने आई है. हादसे में बचीं पंजाब के लुधियाना की रहने वाली राजिंदर कौर ने बताया कि अगर उन्होंने पहले सोशल मीडिया पर रील न देखी होती, तो शायद आज वह जिंदा नहीं होतीं. राजिंदर कौर ने बताया कि वह अक्सर रील देखती थीं, इसलिए उन्हें पता था कि इन दुर्घटनाओं से कैसे बचना है. वह  पहली बार वृंदावन आई थीं और यमुना नदी में नाव की सवारी कर रही थीं. अचानक नाव पलट गई और अफरा-तफरी मच गई.

उन्होंने कहा कि पहले देखी गई रील्स की वजह से उन्हें ऐसे हालात में खुद को संभालने और पानी में बचाव करने का तरीका पता था, जिससे उनकी जान बच सकी. इस घटना को याद कर वह भावुक हो गईं.

वहीं, इस हादसे में अब तक 14 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, जिसमें एक ही परिवार के 7 लोग शामिल हैं, जबकि लुधियाना के दो परिवारों के 4 सदस्यों की भी मौत हुई है. 

रेस्क्यू ऑपरेशन के तीसरे दिन करीब 250 जवानों की टीम ने 20 किलोमीटर के दायरे में सर्च अभियान चलाया था. इस दौरान लुधियाना के डिंकी और ऋषभ शर्मा के शव यमुना नदी की सतह पर तैरते हुए मिले, जिन्हें बाहर निकालकर परिजनों को सौंप दिया गया.

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सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की टीमें लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं. अब तक 22 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है, जबकि 2 लोग अभी भी लापता हैं. प्रशासन का कहना है कि जब तक सभी लोगों का पता नहीं चल जाता, तब तक सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा.

कब और कैसे हुई घटना?
शुक्रवार को दोपहर करीब 2 बजकर 45 मिनट पर केशी घाट के पास यह हादसा हुआ, जो श्री बांके बिहारी मंदिर से लगभग ढाई किलोमीटर दूर स्थित है. जानकारी के मुताबिक, नाव तेज बहाव और हवा के कारण संतुलन खो बैठी और पीपा पुल से टकराने के बाद यमुना नदी में उलट गई. घटना के बाद स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स और नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स की टीमें मौके पर पहुंचीं और करीब 50 स्थानीय गोताखोरों के साथ मिलकर लापता लोगों की तलाश में जुट गईं. प्रत्यक्षदर्शी गुलाब के अनुसार, उस समय हवा काफी तेज थी, जिससे नाव पर नियंत्रण बिगड़ गया और हादसा हो गया.

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