कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र के गगन विहार निवासी शिवम शुक्ला की पढ़ी-लिखी पत्नी निक्की उर्फ वैष्णवी ने अपने घर में आत्महत्या कर ली. रीढ़ की हड्डी की गंभीर बीमारी के असहनीय दर्द से तंग आकर वैष्णवी ने ये कदम उठाया. उसका सुसाइड नोट बेहद बेहद भावुक करने वाला है.
पुलिस की लिखित भर्ती परीक्षा पास कर चुकी मृतका ने बीमारी के ठीक न होने और आगामी फाइनल टेस्ट में पास न हो पाने के डर से यह आत्मघाती कदम उठाया. घटना की सूचना मिलते ही रावतपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस भेजा. पुलिस के अनुसार किसी ने कोई आरोप नहीं लगाया है.
अटूट बंधन और आखिरी विदाई के शब्द
तीन साल पहले रेलवे कर्मी शिवम शुक्ला से शादी के बंधन में बंधी निक्की ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि वह हमेशा साथ निभाने का वादा तोड़ रही हैं और मजबूरी में यह कदम उठा रही हैं. उन्होंने लिखा कि उनका सबने बहुत ख्याल रखा और बढ़िया नसीब होता है तब ऐसा ससुराल मिलता है. आज के दौर में जहां रिश्तों में कड़वाहट की खबरें आती हैं, वहीं निक्की का यह पत्र सात फेरों के पवित्र रिश्ते के स्नेह और अटूट बंधन की एक अनूठी और भावुक मिसाल पेश करता है.
बीमारी में भी ससुराल ने दिया पूरा साथ
निक्की रीढ़ की हड्डी की बीमारी से बेहद परेशान थीं, जिसके इलाज के लिए उनके सास-ससुर, देवर और ननद ने कानपुर से दिल्ली तक भागदौड़ की. पति शिवम मध्य प्रदेश में रेलवे में कार्यरत हैं. निक्की के मायके वाले भी ससुराल का प्यार देखकर खुश रहते थे. दर्द से घिरी निक्की ने अपनी स्कूटी और जेवर देवर अभय की शादी में आने वाली बहू को देने की इच्छा जताई, ताकि पिता का पैसा वापस हो सके. साथ ही पुराना फोन इस्तेमाल कर रही अपनी सास के लिए अपना फोन साफ करके छोड़ गईं.
गमगीन परिवार और पुलिस की कार्रवाई
इस दुखद घटना के बाद पूरे ससुराल और मायके में कोहराम मच गया है. मृतका का एक छोटा बेटा भी है. निक्की के गम में डूबे पति शिवम ने मायूसी में कहा कि उनकी पत्नी उनकी जिंदगी और हमसफ़र थी, वे उसे ठीक कर लेते.
एसीपी दिलीप सिंह ने बताया कि सुसाइड नोट से स्पष्ट होता है कि वह अपनी बीमारी और ठीक न होने की आशंका से परेशान थीं तथा किसी पर बोझ नहीं बनना चाहती थीं. पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी विधिक कार्रवाई कर रही है.
नोट:- (अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)