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उस शापित जहाज की कहानी, जिसका पूरा क्रू समुद्र में अचानक गायब हो गया!

मैरी सेलेस्ट नाम क जहाज का रहस्य आज भी अबूझ पहेली बना हुआ है. इस जहाज पर न तो लूटपाट हुई और न ही यह किसी समुद्री तूफान की चपेट में आया. फिर भी इस पर सवार लोग अचानक से गायब हो गए. ऐसे में जानते मैरी सेलेस्ट जहाज की कहानी क्या है?

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रहस्य से भरी हुई है मेरी सेलेस्ट जहाज की कहानी (Photo - AI Generated)
रहस्य से भरी हुई है मेरी सेलेस्ट जहाज की कहानी (Photo - AI Generated)

समुद्र हमेशा से रहस्यों से भरा रहा है. विशाल समुद्र में बड़े- बड़े जहाजों का अचानक से गायब हो जाना कोई बड़ी बात नहीं है. फिर भी समुद्र के बीच कुछ ऐसी घटनाएं हुईं, जो आज भी रहस्य बना हुआ है. इनमें से ही एक है जहाज मेरी सेलेस्ट की कहानी. इस जहाज को भूतहा जहाज कहा जाता है. ऐसे में जानते हैं आखिर मेरी सेलेस्ट के साथ क्या हुआ था?

एक छोटा ब्रिटिश जहाज, डेई ग्राशिया, अटलांटिक महासागर में अजोरेस द्वीप समूह के पास से गुजर रहा था. 5 दिसंबर 1872 को उस जहाज के कप्तान डेविड मोरहाउस को समुद्र में इधर-उधर लड़खड़ाता, लेकिन पूरी गति से चल रहे एक अमेरिकी जहाज मैरी सेलेस्टे को देखा. डेई ग्राशिया के कप्तान को जहाज को देखकर कुछ अजीब लगा और  वो अपने चालक दल के साथ रेस्क्यू के मकसद से मेरी सेलेस्ट पर गए, लेकिन वहां का नजारा देखकर हैरान रह गए. 

जहाज समुद्र में चलने योग्य था, उसका सामान और उस पर रखी सप्लाई यानी खाने- पीने के चीजें बिलकुल सुरक्षित थी. फिर भी डेई ग्राशिया के कप्तान और अन्य लोगों को जो सबसे अजीब बात लगी वो ये थी कि मेरी सेलेस्ट जहाज पर कोई भी सवार नहीं था. जहाज पर रखी हर चीज एकदम सुरक्षित थी. न तो किसी लूटपाट के सबूत वहां थे और न जहाज क्षतिग्रस्त हुआ था. जहां पर कोई खून-खराब भी नहीं हुआ था. न कोई लाश थी, न कहीं खून के छींटे थे. ऐसे में उस पर सवार लोग आखिर कहां गायब हो गए, यह आजतक रहस्य बना हुआ है. इस जहाज को घोस्ट शिप कहा जाता है. 

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7 नवंबर 1872 को मैरी सेलेस्ट न्यूयॉर्क बंदरगाह से इटली के जेनोआ के लिए रवाना हुई. इसमें कप्तान बेंजामिन एस. ब्रिग्स, उनकी पत्नी और दो साल की बेटी और आठ लोगों का दल सवार था. इसके अलावा जहाज पर लगभग 1,700 बैरल कच्चा अल्कोहल लदा हुआ था. इसके पीछे यानी कुछ दिनों बाद डेई ग्राशिया जहाज भी उसी ओर अंटलांटिक महासागर में जा रहा था. 

4 दिसंबर को दिखाई दिया था मेरी सेलेस्ट जहाज
4 दिसंबर को जब डेई ग्राशिया जहाज ने मेरी सेलेस्ट को देखा, तो कप्तान मोरहाउस और उनके साथी जहाज पर चढ़े और पाया कि वह खाली पड़ा था. उसके पाल थोड़े क्षतिग्रस्त थे, माल गोदाम में कई फीट पानी भरा हुआ था और लाइफबोट और नेविगेशन उपकरण गायब थे. हालांकि, जहाज अच्छी स्थिति में था, उस पर रखे माल सुरक्षित था,और भोजन और पानी का भंडार जहाज पर मौजूद था.

सिर्फ जहाज पर सवार लोग गायब थे. जहाज पर न तो कप्तान बेंजामिन एस. ब्रिग्स मिले, न उनका परिवार और न ही चालक दल के कोई लोग. वहां किसी की लाश भी नहीं थी और न ही कोई खून खराबा हुआ था. अब सवाल उठता है कि आखिर जहाज पर हुआ क्या था. अगर जहाज तूफान की चपेट में आता तो वो डूब सकता था? लेकिन, जहाज के सभी सवार बिना किसी निशान के गायब हो गए थे. 

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जब डेई ग्राशिया के चालक दल मेरी सेलेस्ट का निरीक्षण कर रहे थे, तो उन्होंने पाया कि जहाज में लगा बिस्तर ज्यों का त्यों था. जैसे उस पर से अभी- अभी कोई उठकर गया हो. वहां जो किताब खुली थी, वो वैसी ही रखी थी. कोई भी समान बिखरा हुआ नहीं था.

इस घटना के बाद जिब्राल्टर में ब्रिटिश अधिकारियों ने बचाव कार्य की सुनवाई की और डेई ग्राशिया के चालक दल द्वारा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, समुद्री डकैती या विद्रोह की संभावना की जांच की, लेकिन उन्हें इसका कोई सबूत नहीं मिला. 

समय के साथ जहाज के साथ जुड़ गई कई कहानियां
इस तरह मेरी सेलेस्ट की इस रहस्यमय घटना ने लोगों की कल्पना को आकार दिया कि तरह- तरह के कयास लगाने शुरू हो गए.  दशकों तक तरह-तरह के कयास लगाए गए. वर्षों से, इस बारे में कई सिद्धांत प्रचलित हुए, जिनमें विशाल ऑक्टोपस और समुद्री राक्षस से लेकर जहाज पर हुई अलौकिक घटनाएं जैसी कहानियां शामिल हो गई. इसके बाद से यह जहाज घोस्ट शिप के तौर पर कुख्यात हो गया.

कुछ लोगों का कहना है कि मेरी सेलेस्ट जहाज शापित था. इसका असली नाम अमेजन था. इसे कनाडा में बनाया गया था. इस जहाज के पहले कैप्टन की इस पर पहली यात्रा के दौरान ही मौत हो गई थी. उसकी लाश इसी जहाज से उसके घर तक पहुंचाई गई थी. इस जहाज की दूसरी यात्रा भी हादसों से भरी हुई थी. दूसरे ट्रिप के दौरान यह जहाज एक कार्गो शिप से टकरा गई थी. बाद में इस जहाज को बेच दिया गया.

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दूसरे मालिक ने जैसे ही इसे खरीदा फिर से इसका एक्सीडेंट हो गया. इसके बाद इसे एक नीलामी में बेच दिया गया. नीलामी में जिस शख्स ने इसे खरीदा उसने इसका नाम मेरी सेलेस्ट रखा. जल्द ही वह भी कंगाल हुआ और उसने इसे बेच दिया. इस तरह एक के बाद एक इसके कई मालिक बदले. यह जिसके पास भी गया, उस पर बुरा प्रभाव ही पड़ा. कहा जाता है कप्तान बेंजामिन एस. ब्रिग्स भी इसे पहली बार न्यूयॉर्क से जिब्राल्टर होते हुए इटली लेकर जा रहे थे. जब इसके साथ यह रहस्यमय घटना हुई. इस तरह मेरी सेलेस्ट जहाज की घटना हमेशा के लिए एक अबूझ पहेली बन गई. 

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