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कानपुर: अखिलेश यादव के बर्थडे पर सपा विधायक ने सरकारी स्कूल में काटा केक, हेडमास्टर सस्पेंड; BJP ने खोला मोर्चा

कानपुर के परमट में सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी द्वारा प्राथमिक विद्यालय में अखिलेश यादव का जन्मदिन मनाने और केक काटने पर विवाद हो गया. भाजपा के विरोध के बाद बीएसए ने स्कूल परिसर में राजनीतिक गतिविधि की अनुमति देने पर हेडमास्टर नवीन कुमार त्रिपाठी को निलंबित कर दिया है.

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सरकारी स्कूल में सपा विधायक अमिताभ बाजपेई (Photo- Screengrab)
सरकारी स्कूल में सपा विधायक अमिताभ बाजपेई (Photo- Screengrab)

कानपुर के परमट स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में राजनीतिक गतिविधियों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. मामले के तूल पकड़ने के बाद हेडमास्टर को निलंबित कर दिया गया है. दरअसल, 1 जुलाई को समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के जन्मदिन के अवसर पर सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी बिना पूर्व सूचना के स्कूल परिसर में पहुंचे. आरोप है कि उन्होंने वहां सपा का बैनर लगाया और केक काटा, साथ ही बच्चों के बीच कार्यक्रम भी आयोजित किया.

इस घटना के बाद मामला राजनीतिक रंग लेता गया और भाजपा नेताओं तक जानकारी पहुंचने के बाद विवाद और बढ़ गया. इसके बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया और मामले की जांच शुरू हुई.

बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) हरिओम सिंह ने कार्रवाई करते हुए स्कूल के हेडमास्टर नवीन कुमार त्रिपाठी को निलंबित कर दिया और उन्हें खंड शिक्षा कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया. BSA ने बताया कि हेडमास्टर को कुछ अन्य कार्य सौंपे गए थे, लेकिन उन्होंने उन कार्यों को पूरा करने के बजाय इस कार्यक्रम को प्राथमिकता दी. प्राथमिक जांच (prima facie) में उन्हें निलंबित कर दिया गया है और मामले की विस्तृत जांच के लिए एक जांच समिति का गठन किया गया है.

हेडमास्टर ने अपने लिखित स्पष्टीकरण में दावा किया कि सांसद रमेश अवस्थी ने पहले स्कूल में बच्चों को ड्रेस वितरण कार्यक्रम कराने को कहा था, जिसे टेट परीक्षा के कारण बाद में 6 जुलाई के लिए तय किया गया था.

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उन्होंने यह भी कहा कि 1 जुलाई को विधायक अमिताभ बाजपेयी बिना पूर्व सूचना स्कूल पहुंचे, अखिलेश यादव का फोटो लगाया, केक काटा और बच्चों को ड्रेस भी वितरित की. 

वहीं, सांसद रमेश अवस्थी ने इस पूरे मामले से अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि उन्होंने केवल बच्चों की ड्रेस मापने के लिए स्कूल आने की बात कही थी और ड्रेस वितरण एक ही बार में कराने की योजना थी. हेडमास्टर ने कहा कि स्कूल में हमेशा बच्चों के साथ खुशियां मनाई जाती रही हैं और इसमें किसी प्रकार की अनियमितता या गलत मंशा नहीं थी.

सपा विधायक का बयान 

अमिताभ बाजपेई ने कहा कि अगर बात सिर्फ  क्रेडिट लेने की है, तो फिर हमारे 15 तारीख के शिलान्यास कार्यक्रम के चलते भाजपा ने अचानक 14 तारीख को उसी स्कूल में अपना कार्यक्रम क्यों तय किया? मैं पिछले 10 सालों से अपने और राष्ट्रीय अध्यक्ष जी के जन्मदिन/ सरकारी स्कूलों में मनाता आ रहा हूं और वहां बच्चों को सामग्री व ड्रेस भी देता रहा हूं. 

बकौल बाजपेई- मैंने केक काटा है, लेकिन किसी भी बच्चे के साथ नहीं. अगर मेरी किसी तस्वीर में कोई शिक्षक या बच्चा साथ दिखाई दे जाए, तो मैं अपनी गलती स्वीकार कर लूंगा. गरीब बच्चों को खुश करने के लिए उनके लिए स्नैक्स और ड्रेस लेकर गया था. प्रशासन इस बात का भी जवाब दे कि कैसे निलंबित किए गए प्रिंसिपल ने अपने पत्र में लिखा है कि वह सांसद रमेश अवस्थी से 8.30 हजार रुपये कैश में लेकर आए.  मैं पूछना चाहूंगा कि यह कौन सा प्रावधान है जिसके तहत कैश लेकर आकर बात की जा रही है. 

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जबकि, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता सुरेश अवस्थी ने समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि सपा सरकारी स्कूलों और संस्थानों पर कब्जा करना चाहती है और इसी मंशा के तहत एक-एक गतिविधि की जा रही है.

सुरेश अवस्थी ने कहा कि आमतौर पर कार्यालयों में केक काटा जाता है, लेकिन यहां सपा विधायक ने स्कूल परिसर में ही केक काटकर अपनी मंशा को स्पष्ट किया है.

वहीं। सपा की ओर से लगाए गए आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि बच्चों के हित और उनके कल्याण की भावना से धनराशि दी गई थी. इसके साथ ही भाजपा नेता ने सपा विधायक पर तीखा हमला करते हुए उन्हें “ईंट चोर” और “गाटर चोर” तक कह दिया.

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