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VIDEO: 'पब्लिक को बवाल करने दो, तुम सिर्फ देखो...',पीस कमेटी की बैठक में CO का पुलिसकर्मियों को निर्देश

कानपुर देहात में सीओ संजय सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो पीस कमेटी बैठक का बताया जा रहा है. वीडियो में वे पुलिसकर्मियों को विवादित सुझाव देते हुए नजर आ रहे हैं, जिसमें “पब्लिक को बवाल करने दो” और “दूर से देखो” जैसे कथित बयान शामिल हैं.

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सीओ तनुज अवस्थी के बयान पर मचा बवाल. (Photo: Screengrabs)
सीओ तनुज अवस्थी के बयान पर मचा बवाल. (Photo: Screengrabs)

कानपुर देहात में तैनात सीओ संजय सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जिसके बाद पुलिस विभाग की कार्यशैली और जिम्मेदार अधिकारियों की भाषा को लेकर गंभीर बहस शुरू हो गई है. यह वीडियो एक पीस कमेटी बैठक के दौरान का बताया जा रहा है, जिसमें उन्होंने पुलिसकर्मियों को कुछ ऐसे निर्देश दिए, जिससे विवाद खड़ा हो गया.

वायरल वीडियो में सीओ संजय सिंह पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए यह कहते नजर आ रहे हैं कि “पब्लिक को जो बवाल करना है करने दो, पुलिस को वहां नहीं जाना चाहिए.” इसके अलावा वे यह भी कहते हुए सुने जा रहे हैं कि “दूर से खड़े होकर देखो, तभी लोग सुधरेंगे.” इस तरह के बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं. कई यूजर्स ने इन टिप्पणियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी के विपरीत बताया है.

वीडियो से पुलिस की भूमिका पर उठने लगे सवाल
वीडियो में आगे CO द्वारा यह भी कहा गया यदि किसी प्रकार की स्थिति उत्पन्न होती है तो वे पुलिसकर्मियों को बचा लेंगे. इसके साथ ही उन्होंने एक पुराने मामले का जिक्र करते हुए कथित रूप से “अमूल वाहन चालक मारपीट मामले” का उल्लेख किया और कहा कि उस दौरान उन्होंने संबंधित पक्ष को बचाया था और आगे भी ऐसी स्थिति में मदद करेंगे.

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इस वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस विभाग और प्रशासनिक व्यवस्था की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लोग इस बयान को लेकर बहस कर रहे हैं कि क्या किसी जिम्मेदार अधिकारी द्वारा इस तरह की भाषा का इस्तेमाल उचित है या नहीं? कुछ लोग इसे अनुशासन और कानून-व्यवस्था की भावना के खिलाफ बता रहे हैं.

वीडियो पर अभी बड़े अधिकारियों का नहीं आया बयान
हालांकि अभी तक इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि या संदर्भ में किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी या प्रशासनिक इकाई की ओर से कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है. स्थानीय स्तर पर भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज है और लोग आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि पीस कमेटी बैठकों का उद्देश्य समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखना होता है, ऐसे में अधिकारियों की भूमिका और उनके शब्दों का प्रभाव काफी महत्वपूर्ण हो जाता है.

जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों की भाषा न केवल पुलिस बल के मनोबल पर असर डालती है, बल्कि जनता की धारणा को भी प्रभावित करती है.फिलहाल यह मामला चर्चा में बना हुआ है और उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन इस पूरे प्रकरण पर स्थिति स्पष्ट करेगा.

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