Kaddu ke Patte ki Sabji: घर पर कद्दू के पत्तों से बनाएं पहाड़ी स्टाइल सूखी सब्जी, रोटी के साथ आएगा जबरदस्त स्वाद, पड़ोसन भी पूछेगी रेसिपी!
उत्तराखंड में लोग 'गधुआ पात' यानी कद्दू के कोमल पत्ते की सब्जी खूब बनाई जाती है. विटामिन A, C, आयरन और फाइबर से भरपूर यह सुपरफूड मानसून में बेहद चाव से खाया जाता है. जानिए इसे बनाने की आसान रेसिपी और इसके बेमिसाल फायदे.
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सीताफल के पत्ते काफी फायदेमंद होते हैं. (PHOTO:AI)
Kaddu ke Patte ki Sabji Recipe: कद्दू की सब्जी बनाकर तो आपने बहुत खाई होगी, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कद्दू की पत्तों से भी सब्जी बनाई जा सकती है. उत्तराखंड में अलग-अलग तरीके की पहाड़ी सब्जियां बनाई जाती हैं और पहाड़ों में कद्दू के पत्ते भी खूब होते हैं और वहां के स्थानीय लोग कद्दू के पत्तों की सब्जी बनाई जाती है, जो बेहद टेस्टी और सिंपल डिश है. घर के मसालों के साथ कद्दू के पत्तों की बेहतरीन सब्जी बनती है, जिसे आप रोटी के साथ मजे लेकर खा सकते हैं.
आलू, लौकी, पनीर जैसी सब्जियां भी रोज-रोज खाकर मन भर जाता है और ऐसे में आप अपने घर पर कद्दू की पत्तों की शानदार सूखी सब्जी बना सकते हैं, जो रोटी के साथ बहुत ही लाजवाब लगती है. उत्तराखंड की पारंपरिक रसोई में कई ऐसी देसी रेसिपी हैं जो आज भी गांवों में बड़े चाव से बनाई जाती हैं. इन्हीं में से एक है गधुआ पात की सब्जी, जिसे कद्दू के कोमल पत्तों से तैयार किया जाता है.
पहाड़ी इलाकों में मानसून के मौसम में कद्दू की बेल पर निकलने वाले मुलायम पत्तों का इस्तेमाल स्वादिष्ट और पौष्टिक सब्जी बनाने के लिए किया जाता है. यह सब्जी स्वाद के साथ-साथ पोषण से भी भरपूर होती है और स्थानीय लोगों की पसंदीदा डिश मानी जाती है. इस सब्जी को आप अपने घर पर भी आसानी से बना सकते हैं, क्योंकि अब किसी भी लोकल मार्केट में आपको कद्दू के पत्ते मिल जाएंगे.
सबसे पहले कद्दू के कोमल और ताजे पत्ते साफ करके अलग रख लें. साफ करने के बाद पत्तों को अच्छी तरह धो लें.
अब इनके डंठल और मोटी नसों के ऊपर मौजूद रेशेदार परत को धीरे-धीरे छीलकर निकाल दें. इससे सब्जी मुलायम बनेगी और खाने में रेशे नहीं आएंगे. इसके बाद पत्तों को बारीक काट लें.
एक कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें. तेल धुआं छोड़ने लगे तो आंच हल्की कर दें. अब इसमें पहाड़ी जखिया या जीरा डालें. जीरा चटकने पर लहसुन, अदरक और हरी मिर्च डालकर सुनहरा होने तक भूनें.
प्याज डालना चाहते हैं तो इस समय डालकर हल्का सुनहरा होने तक पकाएं. इसके बाद टमाटर, हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च और नमक डालकर मसाले को तब तक भूनें जब तक तेल अलग न होने लगे.
अब कटे हुए आलू डालकर तीन से चार मिनट तक भूनें. फिर बारीक कटे हुए कद्दू के पत्ते डालें. शुरुआत में पत्ते ज्यादा लगेंगे, लेकिन पकने के बाद इनका आकार काफी कम हो जाता है.
कड़ाही को ढककर स्लो आंच पर 10 से 15 मिनट पकाएं. बीच-बीच में चलाते रहें. अगर आपको लगे तो 2 से 3 बड़े चम्मच पानी डाल सकते हैं.
आखिर में भुना जीरा पाउडर और हरा धनिया डालकर गैस बंद कर दें. गरमा-गरम गधुआ पात की सब्जी को मंडुवे की रोटी, गेहूं की रोटी, झंगोरे की रोटी या दाल-भात के साथ परोसें.
कद्दू के पत्तों के फायदे
कद्दू के पत्तों में विटामिन A भरपूर मात्रा में होता है, जो आंखों की रोशनी और स्किन के लिए बहुत फायदेमंद होता है.
इनमें विटामिन C मौजूद होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करता है.
आयरन और फोलेट की अच्छी मात्रा होने के कारण यह हीमोग्लोबिन बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं.
कैल्शियम और मैग्नीशियम हड्डियों और मसल्स के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माने जाते हैं.
फाइबर से भरपूर होने के कारण यह डाइजेशन को बेहतर रखने और कब्ज की समस्या कम करने में मदद कर सकते हैं.
इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को फ्री-रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं.
कम कैलोरी और अधिक पोषक तत्व होने के कारण यह वजन कंट्रोल रखने वाली डाइट का भी अच्छा हिस्सा बन सकते हैं.