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'भैया सपने में आते हैं, कहते हैं तुम भी आ जाओ...', कानपुर में 3 सगे भाई करते गए खुदकुशी, परिवार में बचे सिर्फ बूढ़े मां-बाप

Kanpur Triple Suicide: कानपुर के बाजिदपुर में अंधविश्वास और 'भूत-प्रेत' के खौफ में 6 महीने के भीतर तीन सगे भाइयों ने की खुदकुशी. एक-एक कर उजड़ा पूरा परिवार, इलाके में दहशत. पढ़ें पूरी खबर...

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कानपुर में 'भूत-प्रेत' के खौफ से तीन भाइयों की मौत.(Photo:ITG)
कानपुर में 'भूत-प्रेत' के खौफ से तीन भाइयों की मौत.(Photo:ITG)

अंधविश्वास और मानसिक डर किस कदर तबाही मचा सकता है, इसका एक रोंगटे खड़े कर देने वाला मामला कानपुर में सामने आया है. यहां अंधविश्वास और कथित 'भूत-प्रेत व सपनों' के खौफ में आकर एक ही परिवार के तीन सगे भाइयों ने महज 6 महीने के भीतर एक-एक कर सुसाइड कर लिया.

पहले मंझले भाई ने फांसी लगाई, फिर सबसे छोटे भाई ने पहली मंजिल से कूदकर जान दी और शनिवार को सबसे बड़े भाई ने भी दूसरी मंजिल से छलांग लगाकर खुदकुशी कर ली. इस भयावह घटना के बाद पूरा इलाका दहशत में है, जबकि परिवार में अब सिर्फ बूढ़े मां-बाप और दो बहनें बची हैं.

पहला सुसाइड: होली के पास मंझले भाई गोविंद ने लगाया फंदा

जाजमऊ थाना इलाके स्थित बाजिदपुर निवासी रामशंकर के तीन बेटे विकास निषाद (सबसे बड़ा), गोविंद (मंझला) और अमन (सबसे छोटा) थे. परिजनों के अनुसार, करीब 8 महीने पहले मंझले बेटे गोविंद ने घर में कहना शुरू किया था कि उसे अजीब और डरावने सपने आते हैं. परिजनों ने उसका झाड़-फूंक और इलाज कराया, लेकिन होली के आसपास गोविंद ने घर के कमरे में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया. उस वक्त परिवार ने इसे किसी अन्य परेशानी का नतीजा माना और शव का अंतिम संस्कार कर दिया.

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दूसरा सुसाइड: 'भैया बुला रहे हैं...' कहकर पहली मंजिल से कूदा अमन

गोविंद की मौत के कुछ ही दिनों बाद सबसे छोटे भाई अमन की मानसिक स्थिति बिगड़ने लगी. वह अपनी बहनों और आसपास के लोगों से कहने लगा कि गोविंद उसके सपने में आता है और कहता है कि "तुम भी आ जाओ, हम सब साथ में रहेंगे". डरे हुए परिजनों ने अमन को कई तांत्रिकों, ओझाओं और डॉक्टरों को दिखाया. हालांकि, अमन पर उस खौफ का इतना गहरा असर हुआ कि उसने अचानक घर की पहली मंजिल से छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौत हो गई. 1 महीने के भीतर दो बेटों को खोने से परिवार पूरी तरह टूट चुका था.

तीसरा सुसाइड: शादीशुदा बड़े भाई विकास ने दूसरी मंजिल से दी जान

दो छोटे भाइयों की मौत के बाद सबसे बड़ा भाई विकास निषाद भी इसी मानसिक खौफ की चपेट में आ गया. विकास की शादी चार साल पहले हुई थी और उसका एक छोटा बच्चा भी है. विकास अपने घर वालों और बहनों से रो-रोकर कहता था, "तुम लोग मुझे बचा नहीं पाओगे, गोविंद और अमन मुझे बुला रहे हैं, वे कहते हैं तीनों भाई साथ रहेंगे."

परिजनों ने उसे समझाने की बहुत कोशिश की, घाटमपुर समेत शहर के कई तांत्रिकों और डॉक्टरों के पास ले गए, लेकिन खौफ कम नहीं हुआ. शनिवार को विकास ने भी घर की दूसरी मंजिल से कूदकर सुसाइड कर लिया. उसकी पत्नी कुछ ही दिनों पहले मायके से लौटी थी और अभी उसके हाथों की मेहंदी का रंग भी नहीं छूटा था कि उसका सुहाग उजड़ गया.

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परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, पुलिस का बयान

विकास की बहन दामिनी ने रोते हुए बताया कि भाई बार-बार यही कहता था कि उसे उसके मृत भाई बुला रहे हैं. पिता रामशंकर ने गमगीन होकर कहा कि उनके तीन ही बेटे थे और तीनों अंधविश्वास व झाड़-फूंक के चक्कर में 6 महीने में चले गए.

मामले पर जानकारी देते हुए जाजमऊ थाना प्रभारी संजय पांडे ने बताया, ''विकास के सुसाइड की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी.

शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है. परिजनों की ओर से फिलहाल कोई लिखित शिकायत या आवेदन नहीं मिला है. यदि परिवार कोई शिकायत दर्ज कराता है, तो मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी.''

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