29 जुलाई की रात. हमीरपुर के ललपुरा इलाके में सड़क किनारे एक महिला की लाश मिली. पहली नजर में मामला सड़क हादसे का लगा. पुलिस ने भी शुरुआती जांच उसी दिशा में शुरू की. लेकिन 48 घंटे बाद कहानी पलट गई. पुलिस का दावा है कि यह हादसा नहीं, बल्कि 44 लाख रुपये के बीमा के लिए रची गई हत्या की साजिश थी. हत्या का आरोप उस शख्स पर लगा, जिसने कभी रीता से लव मैरिज की थी.
29 जुलाई की रात पौधिया गांव के पास खेतों की रखवाली कर लौट रहे किसानों ने सड़क किनारे एक महिला का शव देखा. सूचना पुलिस तक पहुंची. मौके पर पहुंची टीम को पहली नजर में मामला एक्सीडेंट का लगा. शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया.
कुछ देर बाद बैंक खाते की एक पर्ची के आधार पर महिला की पहचान हुई. नाम था रीता, उम्र 32 साल... घर वालों को खबर दी गई. पति भी आया, शव की पहचान की और खुद को एक परेशान पति की तरह पेश करता रहा. घटनास्थल से मिले सुराग, मोबाइल की लोकेशन, सर्विलांस और पूछताछ ने पुलिस को एक अलग ही दिशा में पहुंचा दिया. पुलिस का दावा है कि जिसे सड़क हादसा समझा जा रहा था, वह पहले से रची गई हत्या की साजिश थी.

आरोप है कि रीता के पति अमर सिंह ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर पत्नी की हत्या की साजिश रची. वजह बताई जा रही है- 44 लाख रुपये का जीवन बीमा. जांच में सामने आया कि रीता और अमर सिंह ने करीब ढाई साल पहले लव मैरिज की थी. परिवार के मुताबिक, रीता की यह दूसरी और अमर सिंह की तीसरी शादी थी. दोनों की मुलाकात कानपुर में हुई थी और फिर दोनों ने शादी कर ली.
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पुलिस का कहना है कि समय के साथ आर्थिक संकट बढ़ता गया. आरोपियों पर कर्ज था. इसी दौरान रीता के नाम जीवन बीमा कराया गया. पुलिस के मुताबिक, यहीं से एक ऐसी साजिश शुरू हुई, जिसका अंत रीता की मौत पर हुआ.
पुलिस का दावा है कि वारदात के बाद अमर सिंह ने खुद पत्नी के लापता होने की सूचना पुलिस को दी. बाद में जब अज्ञात महिला का शव मिलने की खबर आई तो वह पहचान करने भी पहुंचा, ताकि किसी को उस पर शक न हो. लेकिन पुलिस का कहना है कि तकनीकी सबूतों और पूछताछ ने इस कहानी की परतें खोल दीं.

हमीरपुर के अपर पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार के अनुसार, आरोपियों पर भारी कर्ज था. इसी वजह से रीता के नाम 44 लाख रुपये का जीवन बीमा कराया गया. प्लानिंग थी कि हत्या को सड़क दुर्घटना दिखाकर बीमा की रकम हासिल की जाए. बीमा राशि के बंटवारे की भी प्लानिंग थी.
पुलिस के मुताबिक, प्लानिंग के तहत अमर सिंह पत्नी को घटनास्थल तक लेकर गया, जहां पहले से उसके साथी मौजूद थे. इस मामले में पति अमर सिंह, अमित गुप्ता उर्फ राम, पुष्पेंद्र सोनी उर्फ साहिल और अभय सिंह उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल की गई कार और एक सिम कार्ड भी बरामद किया है. अपर पुलिस अधीक्षक अरविंद कुमार ने बताया कि सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर आगे की कार्रवाई की जा रही है. मामले की जांच जारी है.