यूपी एटीएस ने नोएडा से तुषार चौहान उर्फ हिज्बुल्लाह अली खान और समीर खान को गिरफ्तार किया है. इन दोनों ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद बट के कहने पर हिंदूवादी नेताओं की गला रेतकर हत्या करने की साजिश रची थी. इनके निशाने पर दक्ष चौधरी, अभिषेक ठाकुर, पिंकी चौधरी, युद्धी राणा और गौरव राजपूत जैसे नेता थे. पाकिस्तानी गैंगस्टर और आईएसआई (ISI) के मेजर रैंक के अधिकारियों के संपर्क में रहकर इन्होंने संवेदनशील स्थानों और हिंदू संगठनों के दफ्तरों की रेकी की थी. एटीएस ने आरोपियों के पास से पाकिस्तान से भेजी गई पिस्टल और कारतूस बरामद किए हैं.
पाकिस्तानी आकाओं के सीधे संपर्क में थे संदिग्ध
एटीएस की जांच में सामने आया है कि तुषार और समीर सिर्फ गैंगस्टर शहजाद भट्टी ही नहीं, बल्कि आईएसआई के मेजर हमीद और मेजर इकबाल के साथ भी कॉन्फ्रेंस कॉल पर रहते थे. ये बातचीत के लिए 'पुश टू टॉक' (PTT) और इंस्टाग्राम का इस्तेमाल करते थे. आरोपियों ने हिंदू संगठनों के दफ्तरों की तस्वीरें और लोकेशन सीधे पाकिस्तान भेजी थीं. इनका मकसद प्रभावशाली लोगों के घरों पर हैंड ग्रेनेड फेंकना और दहशत फैलाना था.
धर्मांतरण कर बना हिज्बुल्लाह अली खान
पकड़ा गया तुषार चौहान, शहजाद भट्टी से इतना प्रभावित था कि उसने इस्लाम धर्म कबूल कर अपना नाम हिज्बुल्लाह अली खान रख लिया था. उसने भट्टी के नाम पर कई इंस्टाग्राम आईडी बनाई थीं. इन लोगों ने अपने नेटवर्क में कई अन्य लड़कों को भी शामिल करना शुरू कर दिया था. पूछताछ में पता चला है कि पाकिस्तानी हैंडलर्स ने ही इन्हें टारगेट किलिंग का काम सौंपा था, जिसे एटीएस ने समय रहते नाकाम कर दिया.
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6 दिन की रिमांड पर पूछताछ शुरू
नोएडा से गिरफ्तारी के बाद कोर्ट ने दोनों संदिग्धों की 6 दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड मंजूर कर दी है. आज से शुरू हुई इस रिमांड के दौरान यूपी एटीएस की टीमें इनसे सघन पूछताछ करेंगी. एटीएस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इनके नेटवर्क में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं और पाकिस्तान से हथियार भेजने का रूट क्या था.