अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और ट्रस्ट से जुड़े विवादों के बीच भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का खुलकर समर्थन किया है. लोनी से विधायक नंद किशोर गुर्जर ने चंपत राय को "संत" और "देवता" बताते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण के लिए समर्पित किया है और ऐसे व्यक्ति से इस्तीफा मांगना हिंदू समाज के साथ अन्याय होगा.
टिन्नू यादव को बताया साजिशकर्ता
भाजपा विधायक ने कहा कि चंपत राय जैसा संत समाज को बहुत मुश्किल से मिलता है. उन्होंने कहा कि यदि मंदिर में चढ़ावे की चोरी हुई है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन इस आधार पर चंपत राय को कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं है. उनका आरोप था कि इस मामले का मुख्य आरोपी टिन्नू यादव समाजवादी पार्टी का एजेंट था और उसी ने पूरी घटना को अंजाम दिया. हालांकि इस दावे के समर्थन में उन्होंने कोई सार्वजनिक साक्ष्य पेश नहीं किया.
समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर निशाना
नंद किशोर गुर्जर ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि जिन लोगों की सरकार में कारसेवकों पर गोलियां चली थीं और संत-महात्माओं का अपमान हुआ था, वही लोग आज राम मंदिर और उसकी व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग पहले भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाते थे, वे अब मंदिर को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं.
उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण विश्व हिंदू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और करोड़ों सनातनियों के वर्षों के संघर्ष, त्याग और तपस्या का परिणाम है. ऐसे में इस मुद्दे पर राजनीति करना उचित नहीं है.
विधायक ने भरोसा जताया कि यदि मंदिर से जुड़े धन के दुरुपयोग या चोरी का कोई मामला सामने आया है तो उसकी एक-एक पाई का हिसाब लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ किसी भी दोषी को बख्शने वाले नहीं हैं और कानून के अनुसार कार्रवाई होगी.
चंपत राय से इस्तीफा न देने की अपील
चंपत राय के इस्तीफे की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए नंद किशोर गुर्जर ने कहा कि यदि वह इस्तीफा देते हैं तो यह हिंदू समाज के साथ अन्याय होगा. उन्होंने हाथ जोड़कर चंपत राय से अपने पद पर बने रहने की अपील की और कहा कि भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण पर भी आरोप लगाए गए थे, लेकिन इससे उनके योगदान और महानता पर कोई असर नहीं पड़ा. उन्होंने दावा किया कि पूरा सनातन समाज चंपत राय के साथ खड़ा है और उन्हें आरोपों से विचलित नहीं होना चाहिए.
गौरतलब है कि राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले की जांच जारी है. इस बीच इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है और विभिन्न दलों के नेता अपने-अपने पक्ष रख रहे हैं.