ज्ञानवापी परिसर के वजूखाने के वैज्ञानिक सर्वे की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई फिलहाल टल गई है. सुप्रीम कोर्ट में मामला पेंडिंग होने की वजह से ये फैसला लिया गया है. अब इस मामले पर 17 नवंबर के बाद ही सुनवाई हो सकती है.
ये याचिका हिंदू पक्ष की ओर से राखी सिंह ने दाखिल की है. याचिका में राखी सिंह ने ज्ञानवापी के वजूखाने का वैज्ञानिक तरीके से सर्वे की मांग की है.
निचली अदालत से याचिका खारिज होने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. इस मामले की सुनवाई जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की सिंगल बेंच कर रही है.
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि 15 मई 2022 में ज्ञानवापी परिसर के वजूखाना में एडवोकेट कमिश्नर के सर्वे के दौरान शिवलिंग जैसी आकृति मिलने का दावा किया गया था. हिंदू पक्ष इसे प्राचीन शिवलिंग बताता है, जबकि मुस्लिम पक्ष का कहना है कि वो एक फव्वारा है.
इसके बाद, 20 मई 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने उस जगह को सुरक्षित रखने का आदेश दिया था. अदालत के निर्देश के बाद से वो पूरा क्षेत्र सील है और वहां किसी भी तरह की गतिविधि पर पूरी तरह रोक है.
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मध्यस्थता के लिए तैयार नहीं दोनों पक्ष
विवाद को सुलझाने के लिए सुप्रीम कोर्ट की पहल पर दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता की कोशिश भी की गई थी, लेकिन दोनों पक्षों ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था. वकीलों का मानना है कि ये कानूनी मामला बेहद नाजुक है और इसका स्थायी समाधान सिर्फ अदालत के आखिरी फैसले से ही निकल सकता है.