
मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र में 20 अगस्त को मिले अज्ञात महिला के शव की पहचान हो गई है. मृतका भावनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सयाल निवासी शीबा पुत्री मुस्तफा निकली. पुलिस की जांच में हत्या की आशंका सामने आई है. मृतका के भाई की तहरीर पर कंकरखेड़ा क्षेत्र निवासी सादिक, उसकी पहली पत्नी आशिया, मां वसीला और भाइयों आबिद व शादाब के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस ने वसीला, आशिया और शादाब को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो हत्या का खुलासा हो गया.
पुलिस के अनुसार, मोहम्मदपुर लाल निवासी सादिक ने बेटे की चाह में शीबा को अपने प्रेम जाल में फंसाया. 4 साल अपने साथ रखा. बेटा पैदा होने के बाद शीबा को मौत के घाट उतार दिया और फिर उसका शव जंगल में फेंक दिया. ईंट से उसका चेहरा बिगाड़ दिया ताकि उसकी पहचान ना हो सके.
दरअसल, शीबा की शादी वर्ष 2019 में कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र के लाला मोहम्मदपुर निवासी शाहरुख से हुई थी. उसके दो बच्चे हैं. शाहरुख गाजियाबाद में फैक्ट्री में मजदूरी का काम करता है और वहीं रहता है. इसी बीच आरोप है कि मोहम्मदपुर लाल निवासी सादिक से शीबा की नजदीकियां बढ़ गईं और शीबा सादिक के साथ लिव इन में रहने लगी.
सादिक पहले से शादीशुदा था और उसके पांच बेटियां थी और पत्नी भी थी. सादिक के परिवार ने शीबा को साथ रखने का विरोध किया तो वह कहीं और रहने लगा और कुछ दिन बाद वह वापस घर लौट आया. उसने परिवार को बताया कि उसके बेटा नहीं है और उसने शीबा को बेटा होने के लिए साथ रखा है. इसके बाद बताया जाता है कि परिवार ने शीबा को स्वीकार कर लिया. साल भर पहले शीबा ने एक बेटे को जन्म दिया. लड़का होने के बाद सादिक और उसके परिजनों ने शीबा को रास्ते से हटाने की योजना बनाई. इनका मकसद था कि शीबा रास्ते से हट जाएगी और उसके बेटे को यह रख लेंगे.

पुलिस के मुताबिक, शीबा 4 वर्षों से सादिक के साथ रह रही थी और शीबा की हत्या करने के लिए सादिक ने अपने परिजनों के साथ प्लान बनाया. जिसमें उसके दोनों भाई शादाब और आबिद उसकी मां वसीला और पहली पत्नी आशिया भी शामिल थे. योजना के अनुसार 19 तारीख को शीबा को देहरादून घूमने को कहकर गाड़ी में बैठाया गया. इसी बीच सादिक ने गाड़ी में बैठी हुई शीबा का गला घोंटकर हत्या कर दी. जब गाड़ी सरधना रोड पर पहुंची तो वहां शीबा के शव को एक खेत में फेंक दिया. शव की पहचान ना हो इसलिए ईंट से बार-बार चेहरे को कुचल दिया गया. फिलहाल, पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
शीबा के परिजनों ने पुलिस को बताया था कि 19 अगस्त को शीबा ने फोन कर बताया था कि सादिक और उसके परिजन उसे गाड़ी में बैठाकर ले जा रहे हैं. इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया. 21 अगस्त को सोशल मीडिया पर अज्ञात महिला का शव मिलने की तस्वीर सामने आने पर परिजन सरधना थाने पहुंचे. मोर्चरी में शव की पहचान शीबा के रूप में हुई.
एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया कि 20 अगस्त को सरधना क्षेत्र में अज्ञात महिला का शव मिलने की सूचना के बाद पहचान के लिए चार पुलिस टीमों का गठन किया गया था. जांच के दौरान शव की पहचान शीबा के रूप में हुई. मामले में सादिक, उसके भाई शादाब और आबिद, पहली पत्नी आशिया तथा मां वसीला के नाम सामने आए हैं. वसीला, आशिया और शादाब को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. सादिक को भी गिरफ्तारी कर लिया गया है.