उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में सलेमपुर तहसील प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर RSS कार्यकर्ता के हत्यारोपियों द्वारा सरकारी पोखरे की जमीन पर अवैध कब्जा करके लगाई गई धान की फसल को नष्ट कर दिया. 1 अक्टूबर की शाम ब्रेकर विवाद में RSS कार्यकर्ता रामेश्वर तिवारी की लोहे की रॉड से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी. पीड़ित परिवार द्वारा कार्रवाई की मांग के बाद SDM क्षितिज द्विवेदी, तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल की मौजूदगी में पैमाइश कराकर पोखरे की जमीन को कब्जे में लिया गया.
परिजनों की मांग पर हुई खेत की पैमाइश
हत्याकांड के बाद से ही पीड़ित परिजन आरोपियों के घर पर बुलडोजर चलाने की मांग कर रहे थे. मृतक रामेश्वर तिवारी के बेटे विकास तिवारी ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का आवेदन दिया था. इसके बाद प्रशासन ने आरोपियों के मकान और खेत की पैमाइश कराई, जिसमें सामने आया कि संजय तिवारी और वशिष्ठ नारायण द्वारा वर्षों से पोखरे की सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर फसल उगाई जा रही थी.
ब्रेकर विवाद में हुई थी आरएसएस कार्यकर्ता की हत्या
भीखम छपरा गांव में घर के सामने बन रही सड़क पर ब्रेकर बनवाने को लेकर विवाद हुआ था. गांव के ही संजय तिवारी और उनके परिजनों ने इसका विरोध करते हुए मारपीट कर रामेश्वर तिवारी की हत्या कर दी थी. इस मामले में पुलिस ने संजय तिवारी, दीपक तिवारी, प्रांजल तिवारी, अभिनीत तिवारी, आदित्य तिवारी, निखिल तिवारी और 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था.
हाफ एनकाउंटर समेत चार आरोपी गिरफ्तार
मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को हाफ एनकाउंटर में और तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. बाकी बचे आरोपियों की तलाश लगातार जारी है. बुलडोजर कार्रवाई के दौरान मौके पर स्थानीय लोग मौजूद रहे और गांव में पूरी तरह शांति व्यवस्था कायम है.