प्रवर्तन निदेशालय (ED) के लखनऊ जोनल ऑफिस में तैनात एक अफसर और हेड कांस्टेबल को CBI ने 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. CBI की लखनऊ यूनिट ने ED के अज्ञात अफसर और हेड कांस्टेबल के खिलाफ मामला दर्ज किया था. आरोप है कि ED की ओर से जारी किए गए दो समन के बाद पूछताछ और केस में मदद के नाम पर रिश्वत मांगी गई थी.
CBI को मिली शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता के पिता को अगस्त और सितंबर 2026 में ED के लखनऊ जोनल ऑफिस से दो समन जारी किए गए थे. आरोप है कि ED में चल रहे इस मामले में मदद या राहत दिलाने के नाम पर हेड कांस्टेबल मनोज द्विवेदी ने शिकायतकर्ता के पिता से रिश्वत की मांग की. यह रकम प्रवर्तन अधिकारी दीपक कुमार की ओर से ली जा रही थी.
शिकायत मिलने के बाद CBI ने मामला दर्ज किया और ट्रैप लगाया. CBI के ट्रैप के दौरान हेड कांस्टेबल मनोज द्विवेदी और ED के अफसर दीपक कुमार को 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगते और स्वीकार करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया. इसके बाद दोनों अधिकारियों को हिरासत में ले लिया गया. CBI इस मामले में अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है.
CBI ने बयान जारी कर दी जानकारी
CBI ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि शिकायत के आधार पर लखनऊ के ED के हेड कांस्टेबल और ED के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया. CBI के मुताबिक, आरोपी हेड कांस्टेबल मनोज द्विवेदी ने शिकायतकर्ता के पिता से ED के मामले में मदद करने के लिए रिश्वत मांगी थी. शिकायतकर्ता के पिता को अगस्त और सितंबर 2026 में ED लखनऊ जोन से दो समन मिले थे. CBI ने बताया कि ट्रैप के दौरान द्विवेदी को दीपक कुमार की ओर से शिकायतकर्ता के पिता के ED मामले में मदद के लिए 5 लाख रुपये की रिश्वत मांगते और स्वीकार करते हुए पकड़ा गया.