उत्तर प्रदेश के बागपत में शिक्षक स्नातक MLC चुनाव के मतदान के दौरान बूथ पर जाने से रोकने को लेकर BJP नेताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच विवाद हो गया. खेकड़ा में शुरू हुआ यह मामला देखते ही देखते धरने, निलंबन की मांग और सार्वजनिक माफी तक पहुंच गया. हालात ऐसे बने कि धरना खत्म कराने पहुंचे ASP को BJP जिलाध्यक्ष के सामने हाथ जोड़कर माफी मांगनी पड़ी. इस घटनाक्रम का वीडियो भी कैमरे में कैद हो गया. मामला उस समय शुरू हुआ, जब खेकड़ा के CO रोहन चौरसिया ने BJP जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा को मतदान केंद्र के अंदर जाने से रोक दिया. इस पर जिलाध्यक्ष नाराज हो गए. घटना की जानकारी पार्टी कार्यकर्ताओं और BJP विधायक योगेश धामा तक पहुंची तो नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध शुरू कर दिया. देखते ही देखते BJP नेता धरने पर बैठ गए.
पार्टी नेताओं की मांग थी कि CO रोहन चौरसिया या तो जिलाध्यक्ष से माफी मांगें या फिर उन्हें निलंबित किया जाए. इसके बाद मतदान केंद्र पर शुरू हुआ विवाद पुलिस और सत्तारूढ़ दल के नेताओं के बीच टकराव में बदल गया. विवाद बढ़ने के बाद धरने पर बैठे BJP नेताओं को मनाने के लिए ASP समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची. अधिकारियों ने बातचीत के जरिए मामला शांत कराने की कोशिश की, लेकिन BJP जिलाध्यक्ष और कार्यकर्ता अपनी मांग पर अड़े रहे. उनकी मांग थी कि CO को अपने व्यवहार के लिए माफी मांगनी चाहिए. इस दौरान मामला केवल बूथ के अंदर जाने से रोकने तक सीमित नहीं रहा. पुलिस अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच व्यवहार को लेकर भी सवाल उठने लगे. BJP नेताओं ने CO के निलंबन या माफी की मांग को लेकर धरना जारी रखा.
CO से माफी की मांग पर अड़े रहे BJP नेता
जब अधिकारियों की बातचीत से बात नहीं बनी तो CO रोहन चौरसिया को BJP नेताओं के बीच बुलाया गया. वहां उनसे माफी मंगवाई गई. बताया गया कि CO ने सॉरी कहा, लेकिन BJP कार्यकर्ताओं को उनकी आवाज सुनाई नहीं दी. इसके बाद उनसे दोबारा सॉरी बुलवाया गया. मौके पर मौजूद खेकड़ा SDM ने भी CO के माफी मांगने की पुष्टि की. हालांकि, इसके बावजूद मामला तत्काल खत्म नहीं हुआ और धरना जारी रहा. धरना खत्म कराने के लिए अधिकारियों ने कई कोशिशें कीं, लेकिन BJP नेता अपनी मांग पर कायम रहे. आखिरकार ASP बागपत प्रवीण कुमार चौहान ने खुद मोर्चा संभाला. उन्होंने BJP जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा को अपना बड़ा भाई बताते हुए हाथ जोड़कर सॉरी कहा और उन्हें मनाने का प्रयास किया.
ASP के हाथ जोड़कर माफी मांगने का यह घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया. इसके बाद BJP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने धरना खत्म कर दिया. इस तरह बूथ पर प्रवेश को लेकर शुरू हुआ विवाद अधिकारियों की माफी के बाद शांत हुआ. घटनाक्रम में पहले CO से माफी की मांग की गई, फिर उनसे दोबारा सॉरी बुलवाया गया. इसके बाद भी धरना जारी रहने पर ASP को सामने आकर जिलाध्यक्ष को मनाना पड़ा. अंत में पार्टी नेताओं ने धरना समाप्त कर दिया.
इस मामले पर BJP नेता देवेंद्र प्रमुख ने बताया कि MLC मतदान के दौरान जिलाध्यक्ष बूथ का निरीक्षण करने पहुंचे थे. उनके मुताबिक, CO ने उन्हें रोक दिया, जिसके बाद विवाद हुआ. देवेंद्र प्रमुख ने कहा कि बाद में CO ने अपनी गलती मान ली. उनके बयान के मुताबिक, विवाद की वजह मतदान के दौरान जिलाध्यक्ष को बूथ पर जाने से रोकना था. इसके बाद पार्टी नेताओं ने विरोध किया और माफी की मांग की.
मतदान के दौरान शुरू हुआ विवाद माफी के बाद थमा
बागपत के खेकड़ा में शिक्षक स्नातक MLC चुनाव के दौरान हुआ यह घटनाक्रम पुलिस अधिकारियों और BJP नेताओं के बीच टकराव को लेकर चर्चा में आ गया. एक ओर जिलाध्यक्ष को बूथ के अंदर जाने से रोके जाने पर पार्टी नेताओं ने विरोध किया, वहीं दूसरी ओर धरना खत्म कराने के लिए अधिकारियों को लगातार बातचीत करनी पड़ी. पहले CO रोहन चौरसिया से माफी की मांग की गई. उनके सॉरी कहने के बाद भी जब कार्यकर्ता संतुष्ट नहीं हुए तो उनसे दोबारा माफी बुलवाई गई. इसके बाद ASP प्रवीण कुमार चौहान ने जिलाध्यक्ष को बड़ा भाई बताते हुए हाथ जोड़कर सॉरी कहा. आखिरकार इसी के बाद BJP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने धरना समाप्त कर दिया.