सऊदी अरब में उमरा करने गए 34 कश्मीरी यात्रियों की घर वापसी का इंतजार लंबा होता जा रहा है. 13 अक्टूबर को उनकी वापसी की फ्लाइट रद्द हो गई थी. अब उनके सामने नई परेशानी खड़ी हो गई है. यात्रियों के पास पैसे खत्म हो रहे हैं, जिससे रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है. ऐसे में उन्होंने जम्मू-कश्मीर प्रशासन और केंद्र सरकार से मदद की अपील की है.
इन यात्रियों के सामने सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि वे दूसरे रास्ते से भारत लौटने का खर्च नहीं उठा सकते. कुछ यात्रियों ने कनेक्टिंग फ्लाइट के जरिए वापसी का विकल्प देखा, लेकिन यह उनके बजट से बाहर है. अब उन्हें अपनी सुरक्षित वापसी के लिए सरकारी मदद का इंतजार है.
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कब तक रद्द रहेंगी उड़ानें?
रियाद स्थित भारतीय दूतावास के मुताबिक, इंडिगो ने सऊदी अरब के कई शहरों से आने-जाने वाली उड़ानों पर रोक बढ़ा दी है. रियाद से जुड़ी उड़ानें 31 अक्टूबर 2026 तक निलंबित रहेंगी. वहीं जेद्दा, दम्माम और मदीना से जुड़ी उड़ानों पर 27 अक्टूबर तक रोक बढ़ाई गई है. इस फैसले से उन यात्रियों की परेशानी बढ़ गई है, जिन्हें तय तारीख पर भारत लौटना था. उड़ानों पर रोक के चलते उनकी वापसी की योजना बिगड़ गई है.
क्यों रद्द हो रही हैं फ्लाइटें?
मध्य पूर्व में सुरक्षा से जुड़े हालात के कारण हवाई यात्रा प्रभावित हो रही है. यमन के हूती विद्रोहियों के हमलों को लेकर भी क्षेत्र में चिंता बनी हुई है. ऐसे हालात में एयरलाइंस सुरक्षा का आकलन करके उड़ानों को रद्द या निलंबित कर रही हैं.
मनोज सिन्हा और उमर अब्दुल्ला से लगाई गुहार
सऊदी अरब में फंसे यात्रियों ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और विदेश मंत्रालय से जल्द मदद मांगी है. उनकी अपील है कि सुरक्षित वापसी के लिए जल्द जरूरी कदम उठाए जाएं.
यात्रियों के मुताबिक, पैसे खत्म होने के कारण खाने-पीने, ठहरने की जगह और जरूरी दवाइयों का इंतजाम करना मुश्किल हो रहा है. ऐसे में उनकी परेशानी सिर्फ घर लौटने तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी चुनौती बन गया है. अब इन 34 यात्रियों को सरकार की मदद का इंतजार है. वे चाहते हैं कि उनकी वापसी के लिए जल्द कोई रास्ता निकले, ताकि वे सुरक्षित अपने घर पहुंच सकें.