अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में सोने से युक्त श्रीरामचरितमानस पुस्तक को लेकर उठ रहे सवालों के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई है. ट्रस्ट के विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव ने इसकी जानकारी दी.
गोपाल राव ने बताया कि करीब दो साल पूर्व सेवानिवृत्त IAS अधिकारी लक्ष्मीनारायण द्वारा भेंट की गई सोने से युक्त श्रीरामचरितमानस पूरी तरह सुरक्षित है. उन्होंने कहा कि दान प्राप्त होने के बाद श्रद्धालु की इच्छा के अनुरूप इस पवित्र ग्रंथ को कुछ समय तक श्रीरामलला के गर्भगृह के सामने सम्मानपूर्वक रखा गया था.
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इसके बाद मंदिर परिसर के गुडमंडप स्थित आभूषण कोठरी में सुरक्षित रख दिया गया, जहां अन्य मूल्यवान धार्मिक धरोहरों को भी संरक्षित रखा जाता है.
गोपाल राव ने यह भी स्पष्ट किया कि उक्त भेंट का विवरण मंदिर के आधिकारिक रजिस्टर में उसी समय दर्ज किया गया था. उन्होंने कहा कि लक्ष्मीनारायण जब भी चाहें मंदिर आकर स्वयं पुस्तक को देख सकते हैं.
ट्रस्ट के इस स्पष्टीकरण के बाद सोने से युक्त श्रीरामचरितमानस को लेकर चल रही चर्चाओं और अटकलों पर विराम लगने की उम्मीद जताई जा रही है.
गोपाल (विशेष आमंत्रित सदस्य, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र) ने कहा, लक्ष्मीनारायण द्वारा भेंट की गई सोने से युक्त श्रीरामचरितमानस पूरी तरह सुरक्षित है. पहले इसे उनकी इच्छा के अनुसार श्रीरामलला के गर्भगृह के सामने रखा गया था, बाद में गुडमंडप स्थित आभूषण कोठरी में सुरक्षित रख दिया गया. इसका विवरण मंदिर के रजिस्टर में भी दर्ज है. वे किसी भी समय आकर इसे देख सकते हैं.