उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से सियासी हलचल बढ़ाने वाली खबर सामने आई है. हमेशा अपने बयानों और तेवरों के लिए चर्चा में रहने वाले उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने शुक्रवार को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) कैंपस के भीतर कदम रखते ही एक नया विमर्श खड़ा कर दिया. यूनिवर्सिटी के मुख्य केनेडी ऑडिटोरियम में आयोजित अपने विभाग के एक कार्यक्रम में मंत्री ने न सिर्फ मंच से धार्मिक नारे लगाए, बल्कि इसे गर्व के साथ अपने सोशल मीडिया पर भी शेयर किया.
दरअसल, उद्यान विभाग की ओर से अलीगढ़ में एक मंडलीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. इस कार्यक्रम के लिए एएमयू कैंपस के भीतर स्थित प्रसिद्ध केनेडी ऑडिटोरियम को चुना गया था.
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने पहुंचे मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने अपने संबोधन के दौरान जमकर 'जय श्री राम', 'भारत माता की जय' और 'हर हर महादेव' सहित अन्य धार्मिक नारे लगाए.
सोशल मीडिया पोस्ट वायरल
इसके ठीक बाद मंत्री ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर इस घटना की पुष्टि करते हुए लिखा, "अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के केनेडी हॉल के अंदर हर हर महादेव." उनका यह पोस्ट देखते ही देखते इंटरनेट पर वायरल हो गया.
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कैनेडी हाल के भीतर हर हर महादेव.. pic.twitter.com/H3NY2t4v0E
— Dinesh Pratap Singh (@RBLDineshSingh) June 12, 2026
राहुल गांधी पर बरसे मंत्री
AMU कैंपस में कार्यक्रम समाप्त करने के बाद मंत्री दिनेश प्रताप सिंह जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने मीडिया से मुखातिब होते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LOP) राहुल गांधी पर जमकर भड़ास निकाली.
मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने राहुल गांधी को एक 'एक्सिडेंटल नेता' करार देते हुए कहा, "राहुल गांधी अपनी किसी व्यक्तिगत मेहनत, अपनी योग्यता या फिर अपनी पार्टी (कांग्रेस) के दम पर आज सांसद नहीं बने हैं. वह उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और अपना दल (कृष्णा पटेल गुट) जैसे क्षेत्रीय दलों की बैसाखी पर टिके हुए नेता हैं. ऐसा बैसाखियों वाला नेता अगर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के बारे में चर्चा करे या उन पर टिप्पणी करे, तो मैं नहीं समझता कि राहुल गांधी इस योग्य हैं."
'सस्ती लोकप्रियता पाने की कोशिश'
मंत्री ने आगे आरोप लगाया कि राहुल गांधी के पास अपनी कोई ठोस राजनीतिक जमीन या विजन नहीं है. वे सिर्फ अपनी राजनीतिक अयोग्यता को छिपाने के लिए और मीडिया में हेडलाइंस बटोरने के उद्देश्य से बार-बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेते रहते हैं. मोदी जी का नाम लेकर चर्चा में बने रहना और सस्ती लोकप्रियता पाना ही उनका एकमात्र राजनीतिक मकसद रह गया है.