उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से विकास कार्यों की हकीकत बयां करती एक तस्वीर सामने आई है. यहां एक निर्माणाधीन पुल समय पर पूरा नहीं होने का खामियाजा मासूम बच्चों और उनके परिवारों को भुगतना पड़ रहा है. नहर में पानी आने के बाद गांव का संपर्क प्रभावित हो गया है और अब अभिभावकों को अपने बच्चों की जान जोखिम में डालकर उन्हें स्कूल पहुंचाना पड़ रहा है.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि परिजन अपने छोटे-छोटे बच्चों को कंधे पर बैठाकर गले भर पानी में नहर पार कर रहे हैं. पानी का तेज बहाव और गहराई हर कदम पर खतरे का अहसास करा रही है, लेकिन बच्चों की पढ़ाई न रुके इसलिए परिवार यह जोखिम उठाने को मजबूर हैं.
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दरअसल, यह मामला अमेठी जिले के गौरीगंज थाना क्षेत्र के पूरे परमानंद शुक्ल, बासूपुर गांव का है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि निर्माणाधीन पुल समय पर बन गया होता तो उन्हें इस तरह अपनी जान जोखिम में डालने की नौबत नहीं आती.
ग्रामीणों ने विभाग पर लगाए लापरवाही के आरोप
ग्रामीणों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग की लापरवाही के कारण पुल का निर्माण कार्य महीनों बाद भी पूरा नहीं हो सका. इसी बीच नहर में पानी छोड़ दिया गया, जिससे गांव का वैकल्पिक रास्ता भी बह गया और आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया.
बताया जा रहा है कि बासूपुर के पास करीब 1 करोड़ 2 लाख रुपये की लागत से पुल का निर्माण कराया जा रहा है. लेकिन निर्माण कार्य अधूरा रहने के कारण अब गांव के लोगों के सामने रोजमर्रा की जिंदगी भी चुनौती बन गई है. सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल जाने वाले बच्चों और उनके परिवारों को उठानी पड़ रही है.
वायरल वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा भी फूट पड़ा है. लोगों का कहना है कि प्रशासन और संबंधित विभाग ने समय रहते कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की. अब वे मांग कर रहे हैं कि बच्चों और ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए तत्काल अस्थायी पुल या अन्य सुरक्षित रास्ते की व्यवस्था की जाए.
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'पानी कम होने पर पूरा होगा काम', अधिकारी ने दी सफाई
मामले में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नहर में अचानक अधिक पानी आने के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ है. उनका दावा है कि जैसे ही पानी का स्तर कम होगा, पुल का निर्माण दोबारा शुरू कराकर जल्द पूरा कराया जाएगा.
अधिशासी अभियंता शैलेंद्र ने बताया कि नहर में पानी अधिक होने के चलते आवागमन बाधित हुआ है. पानी कम होने के बाद निर्माण कार्य फिर से शुरू कराया जाएगा और पुल को जल्द पूरा करने का प्रयास किया जाएगा.
हालांकि, ग्रामीण इस जवाब से संतुष्ट नहीं हैं. उनका कहना है कि यदि विभाग समय पर निर्माण पूरा कर देता तो आज बच्चों को कंधों पर बैठाकर गले भर पानी में नहर पार कराने की नौबत नहीं आती. ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने और पुल निर्माण में तेजी लाने की मांग की है.