आगरा के अछनेरा थाना क्षेत्र के सहाई गांव में शुक्रवार सुबह 45 वर्षीय धर्मवीर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से सनसनी फैल गई. वह गांव के बाहर एक प्लॉट पर बने कमरे में रहते थे. परिजनों के मुताबिक, कुछ समय पहले उन्होंने संन्यास ले लिया था और आध्यात्मिक जीवन में रम गए थे. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है.
धर्मवीर का शव कमरे के अंदर खून से लथपथ हालत में मिला. उनके सिर और शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे. घटनास्थल के पास खून से सनी ईंट भी बरामद हुई है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि इसी से सिर पर हमला किया गया. हालांकि, हत्या की वजह और वारदात में इस्तेमाल हथियार को लेकर पुलिस की जांच जारी है.
यह भी पढ़ें: आगरा में रिटायर्ड IPS से लेकर डॉक्टर-टीचर तक बने छठी क्लास के 'बच्चे', गले में बोतल और यूनिफॉर्म में पहुंचे स्कूल!
घटना का पता तब चला जब धर्मवीर शुक्रवार सुबह रोज की तरह गांव नहीं पहुंचे. उनके भतीजे सौरभ सोलंकी को शक हुआ तो वह प्लॉट पर उन्हें देखने पहुंचा. कमरे की कुंडी बाहर से लगी हुई थी. सौरभ ने मोबाइल पर संपर्क करने की कोशिश की तो फोन की घंटी अंदर से सुनाई दी. इसके बाद कमरे में जाकर देखा तो धर्मवीर मृत पड़े थे.
बाहर से बंद थी कमरे की कुंडी
परिजनों के अनुसार, कमरे की कुंडी बाहर से लगी थी, जबकि मुख्य गेट अंदर से बंद होने की बात भी सामने आई है. सौरभ ने छत के रास्ते अंदर जाकर धर्मवीर को देखा. इस घटनाक्रम ने पुलिस के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर वारदात को अंजाम देने वाला व्यक्ति कमरे से कैसे बाहर निकला और बाहर से कुंडी किसने लगाई.
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची. डीसीपी वेस्ट आदित्य कुमार भी पुलिस फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया. शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. पुलिस अब हत्या की वजह और हमलावर की पहचान का पता लगाने में जुटी है.
मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया. टीमों ने घटनास्थल की बारीकी से जांच कर साक्ष्य जुटाए और आसपास के इलाके को खंगाला. पुलिस को उम्मीद है कि मौके से मिले साक्ष्यों और जांच के आधार पर वारदात की कड़ियां जोड़ी जा सकेंगी.
मंदिर की सेवा और भजन-कीर्तन करते थे धर्मवीर
परिजनों के मुताबिक, धर्मवीर अविवाहित थे. कुछ महीने पहले उनकी मां का निधन हुआ था. इसके बाद वह पूरी तरह आध्यात्मिक जीवन में रम गए थे. वह मंदिर की सेवा करते थे, भजन-कीर्तन में शामिल होते थे और रोजाना गांव की परिक्रमा भी करते थे. उनका जीवन पिछले कुछ समय से धार्मिक गतिविधियों के इर्द-गिर्द ही केंद्रित था.
धर्मवीर के प्रॉपर्टी से जुड़े काम करने की बात भी सामने आई है. हालांकि, उनकी हत्या के पीछे कोई संपत्ति संबंधी विवाद था या कोई दूसरी वजह, इसका अभी खुलासा नहीं हुआ है. पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है.
अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि धर्मवीर की हत्या किसने और क्यों की. कमरे की कुंडी बाहर से बंद करने वाला कौन था? क्या हमलावर मृतक का परिचित था? घटनास्थल से मिले साक्ष्य, फॉरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस इन सवालों के जवाब तलाश रही है.