आगरा में चोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने ऐसी कहानी सामने रखी है, जिसने सभी को हैरान कर दिया. दो सगे जीजा-साले ने बंद पड़े मकान को निशाना बनाकर लाखों रुपये के सोने के गहने और नकदी चोरी कर ली. पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी करने के पीछे एक बड़ी वजह प्रेमिका को महंगे गिफ्ट देना भी था. लेकिन उनकी यह योजना ज्यादा दिन तक छिप नहीं सकी. घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस दोनों तक पहुंच गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
मामला आगरा के थाना सदर क्षेत्र का है. पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने पहले एक बंद मकान की रेकी की. जब उन्हें यकीन हो गया कि घर में कोई नहीं है तो उन्होंने ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया. इसके बाद अलमारी में रखे सोने के आभूषण और नकदी चोरी कर मौके से फरार हो गए. चोरी की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी.
घटना के बाद पुलिस ने आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली. इसके साथ ही तकनीकी साक्ष्य जुटाए गए और मुखबिर से भी जानकारी ली गई. इन्हीं सुरागों के आधार पर पुलिस ने उखर्रा रोड के पास से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में दोनों ने चोरी की पूरी वारदात स्वीकार कर ली.
89 ग्राम से ज्यादा सोना और लाखों की नकदी बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से करीब 89.07 ग्राम सोने के आभूषण, 2 लाख 82 हजार रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर बाइक बरामद की है. बरामद सामान को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है. पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि चोरी किए गए कुछ गहनों को उन्होंने गलाकर बेच दिया था. उन गहनों से मिले पैसों को दोनों ने मौज-मस्ती में खर्च कर दिया.
पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि चोरी का बाकी सामान कहां गया और उससे जुड़े अन्य पहलू क्या हैं. पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि वे प्रेमिका को महंगे गिफ्ट देना चाहते थे. इसी इच्छा को पूरा करने के लिए उन्होंने चोरी की योजना बनाई और बंद मकान को निशाना बनाया. पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सामने आई यह वजह इस पूरे मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू है.
पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी रजनीकांत के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है. एडीसीपी क्राइम हिमांशु गौरव ने बताया कि इस चोरी के मामले का खुलासा CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना की मदद से किया गया. थाना सदर बाजार पुलिस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं.