कॉरपोरेट लाइफ में वर्क प्रेशर में फंसा इंसान क्या-क्या नहीं करता. सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा ही वीडियो वायरल हो रहा है. फिल्म धुरंधर 2 की स्क्रीनिंग के दौरान एक महिला थिएटर में बैठकर लैपटॉप पर काम करती नजर आई. इस वीडियो के सामने आते ही कॉरपोरेट वर्क कल्चर और बढ़ते प्रेशर को लेकर बहस छिड़ गई है.
यह वीडियो इंस्टाग्राम यूजर खुशी बत्रा ने शेयर किया है. क्लिप में साफ देखा जा सकता है कि जहां एक तरफ बड़ी स्क्रीन पर फिल्म चल रही है, वहीं दर्शकों के बीच बैठी एक महिला अपने लैपटॉप में पूरी तरह व्यस्त है. अंधेरे हॉल में लैपटॉप की रोशनी अलग से चमकती दिखती है, जिससे यह दृश्य और भी ध्यान खींचता है.
'वर्क फ्रॉम एनीवेयर' का कल्चर
वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं. कुछ यूजर्स ने इसे आज के 'वर्क फ्रॉम एनीवेयर' कल्चर का उदाहरण बताया. एक यूजर ने लिखा कि अब तो काम हर जगह पहुंच गया है. वहीं दूसरे ने कहा कि यह बर्नआउट की निशानी है, लोग फिल्म देखते वक्त भी आराम नहीं कर पा रहे.
कई लोगों ने इस पर चिंता जताई. एक यूजर ने लिखा कि लोग दो घंटे के लिए भी खुद को काम से अलग नहीं कर पा रहे हैं. वहीं एक अन्य ने सवाल उठाया कि अगर काम ही करना है, तो थिएटर क्यों आना?
देखें वायरल वीडियो
हालांकि कुछ यूजर्स ने इस स्थिति को हल्के अंदाज में लिया. एक कमेंट में लिखा गया कि कॉरपोरेट लाइफ इतनी भारी हो गई है कि मूवी नाइट भी वर्क शिफ्ट बन गई. वहीं एक अन्य यूजर ने मजाक में कहा कि डेडलाइन को फर्क नहीं पड़ता कि स्क्रीन पर रणवीर सिंह हैं या नहीं.
एक यूजर ने लिखा कि कल्चर नहीं, यह तो गुलामी है. मैंने एक शख्स को बाल कटवाते समय भी काम करते देखा है. वहीं दूसरे यूजर ने कहा कि यह न तो ठीक से काम कर रही है और न ही फिल्म देख रही है, सच में इसके लिए बुरा लग रहा है.
हालांकि कुछ यूजर्स ने इसे सामान्य भी बताया. एक यूजर ने लिखा कि अगर फिल्म शुरू नहीं हुई है तो समय क्यों बर्बाद करना, काम करना बेहतर है.वहीं दूसरे ने कहा कि लगता है वह फिल्म शुरू होने से पहले थोड़ा काम निपटा रही है, इसमें कोई बुराई नहीं है. इंतजार करना वैसे भी बोरिंग होता