दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के 'चलो संसद' मार्च के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में पार्टी के प्रवक्ता विजेता दहिया कथित तौर पर एक मॉल स्थित बर्गर किंग के आउटलेट में दिखाई दे रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई कि जब पार्टी के समर्थक सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे थे, तब क्या पार्टी का एक प्रमुख चेहरा मॉल में बर्गर खा रहा था? हालांकि, इस वीडियो के रिकॉर्ड होने का समय और परिस्थितियां स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो सकी हैं.
क्या है वायरल वीडियो?
वायरल क्लिप में कुछ लोग कथित तौर पर विजेता दहिया से सवाल करते नजर आते हैं कि जब प्रदर्शनकारी सड़क पर संघर्ष कर रहे थे, तब वह बर्गर किंग में क्या कर रहे थे. देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया और लोगों ने इसे लेकर अपनी-अपनी राय देनी शुरू कर दी.
कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि अगर कोई व्यक्ति आंदोलन का नेतृत्व कर रहा है, तो उसे प्रदर्शन के दौरान ऐसी जगह पर नहीं होना चाहिए. वहीं कई लोगों ने यह भी कहा कि सिर्फ एक छोटे से वीडियो के आधार पर किसी नतीजे पर पहुंचना ठीक नहीं है, क्योंकि यह साफ नहीं है कि वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया था और क्या वह वास्तव में प्रदर्शन छोड़कर वहां गए थे.
'चलो संसद' मार्च के बीच बढ़ा विवाद
यह विवाद ऐसे समय सामने आया, जब CJP के 'चलो संसद' मार्च को लेकर पहले से ही माहौल गर्म था. जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ने की कोशिश के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प की खबरें सामने आई थीं. इस दौरान कई लोगों के घायल होने, कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने और पुलिस वाहनों को नुकसान पहुंचने की भी जानकारी सामने आई.
विजेता दहिया ने क्या कहा?
वीडियो वायरल होने के बाद विजेता दहिया ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर आलोचनाओं का जवाब दिया. उन्होंने कहा कि वह पिछले करीब डेढ़ महीने से लगातार आंदोलन में सक्रिय रहे हैं और कई दिनों तक धरना-प्रदर्शन में हिस्सा लेते रहे.
दहिया ने दावा किया कि पिछले दो दिनों से उन्हें ठीक से सोने का भी समय नहीं मिला. उन्होंने कहा कि जो लोग आंदोलन में मौजूद थे, वे जानते हैं कि उन्होंने कितनी मेहनत की है.
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर किसी को भूख लगती है और वह कुछ खा लेता है, तो इसे इतना बड़ा मुद्दा क्यों बनाया जा रहा है. दहिया ने बाद में यह भी कहा कि उन्हें पता चला कि बर्गर में मैदा और ट्रांस फैट होता है, इसलिए उन्होंने उसे नहीं खाया.
'हां, मैं बर्गर खाऊंगा'
अपने वीडियो में दहिया ने यह भी कहा कि आंदोलन के दौरान उनके नाचने या रंग-बिरंगे कपड़े पहनने पर भी लोगों ने सवाल उठाए थे. उनके मुताबिक, ऐसी बातें आंदोलन के असली मुद्दों से ध्यान भटका देती हैं.
उन्होंने कहा कि वह आंदोलन का हिस्सा थे और मार्च खत्म होने के बाद वहां से निकले. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें किसी ने प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पैसे नहीं दिए हैं, बल्कि वह देश के लिए ऐसा कर रहे हैं.
बर्गर विवाद पर उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हां, मैं बर्गर खाऊंगा. उनका यही बयान सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बन गया.
सोशल मीडिया पर बंटी राय
वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंटा नजर आ रहा है. एक वर्ग का कहना है कि आंदोलन से जुड़े किसी नेता को ऐसे समय में मॉल में नहीं दिखना चाहिए, जबकि दूसरा वर्ग मानता है कि प्रदर्शन में शामिल लोग भी इंसान हैं और उन्हें खाने-पीने या आराम करने का अधिकार है.
फिलहाल, वायरल वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया था और वह प्रदर्शन के दौरान का ही है या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है. ऐसे में वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर बहस लगातार जारी है.