नेहा का दावा है कि उन्होंने अपनी सैलरी को इस तरह मैनेज किया कि महज 32 साल की उम्र में उनके पास करीब 1.05 करोड़ रुपये की सेविंग हो गई. खास बात यह है कि उनकी मंथली सैलरी 1.20 लाख रुपये है. फिर भी वह अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा लगातार इन्वेस्ट कर रही हैं. अब उनके सामने अगला सवाल है- क्या वह 40 से 42 साल की उम्र में जॉब छोड़कर रिटायर हो सकती हैं?
नेहा ने अपनी कमाई को किसी एक जगह लगाने के बजाय अलग-अलग ऑप्शन में बांट दिया. वह 2019 से लगातार म्यूचुअल फंड में निवेश कर रही हैं. आज उनका म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो करीब 25 लाख रुपये का हो चुका है.
इसके अलावा उन्होंने स्टॉक्स में करीब 38 लाख रुपये लगाए हैं. 2023 में उन्होंने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड यानी एसजीबी में 11.7 लाख रुपये का निवेश किया था. उनका प्रोविडेंट फंड करीब 24 लाख रुपये का हो चुका है, जबकि बैंक अकाउंट में 6 लाख रुपये अलग से जमा हैं.इन सभी को मिलाकर उनकी कुल जमा-पूंजी करीब 1.05 करोड़ रुपये हो जाती है.
सैलरी आती है और 86,000 रुपये निवेश हो जाते हैं
नेहा की पोस्ट में जिस बात ने लोगों का सबसे ज्यादा ध्यान खींचा, वह उनकी सेविंग रेट है. वह हर महीने 60,000 रुपये म्यूचुअल फंड में निवेश करती हैं. इसके अलावा ईपीएफ और सीपीएफ में करीब 26,000 रुपये जमा होते हैं.यानी हर महीने कुल मिलाकर करीब 86,000 रुपये निवेश हो रहे हैं. सालभर में यह रकम 10 लाख रुपये से भी ज्यादा हो जाती है.
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सोशल मीडिया पर लोग हैरान हैं कि 1.20 लाख रुपये की सैलरी में इतना बड़ा निवेश आखिर कैसे संभव हो पाया. वहीं कुछ लोग उनकी फाइनेंशियल प्लानिंग की तारीफ कर रहे हैं और कह रहे हैं कि छोटी उम्र से लगातार निवेश करने का यही फायदा है.
अब 40-42 साल की उम्र में रिटायरमेंट का सपना
नेहा का अगला टारगेट नौकरी छोड़ना है. वह अगले 8 से 10 साल में फाइनेंशियल इंडिपेंडेंस हासिल करना चाहती हैं और जानना चाहती हैं कि क्या 40 से 42 साल की उम्र के बीच रिटायरमेंट संभव है.
यही सवाल उनकी पोस्ट को दिलचस्प बनाता है. 32 साल की उम्र में 1.05 करोड़ रुपये की नेटवर्थ के बावजूद नेहा मानती हैं कि फाइनेंशियल फ्रीडम सिर्फ बड़ी रकम जमा करने का नाम नहीं है. असली सवाल यह है कि नौकरी छोड़ने के बाद हर महीने खर्च कितना होगा और क्या निवेश से होने वाली कमाई लंबे समय तक उस खर्च को संभाल पाएगी.
अब सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी है कि क्या 1.20 लाख रुपये की सैलरी वाला कोई व्यक्ति 40 की उम्र तक काम छोड़ने की प्लानिंग कर सकता है? नेहा की कहानी कम से कम इतना जरूर दिखाती है कि अगर कम उम्र से निवेश और बचत को प्राथमिकता दी जाए, तो करोड़पति बनने के लिए हमेशा करोड़ों की सैलरी जरूरी नहीं होती.