नई नौकरी मिलने की खुशी हर किसी के लिए खास होती है. महीनों की मेहनत, कई इंटरव्यू और लंबे इंतजार के बाद जब ऑफर लेटर मिलता है तो लगता है कि अब सब ठीक हो जाएगा. लेकिन सोचिए, अगर ऑफर मिलने के अगले ही दिन कंपनी कह दे कि अब आपको नौकरी नहीं मिलेगी, तो कैसा लगेगा? एक महिला के साथ ऐसा ही हुआ. उसकी गलती सिर्फ इतनी थी कि उसने नौकरी जॉइन करने से पहले कुछ जरूरी सवाल पूछ लिए.
यह मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर सामने आया, जहां एक शख्स ने अपनी पत्नी के साथ हुई पूरी घटना शेयर की. उसने बताया कि उसकी पत्नी दिल्ली में अर्बन प्लानिंग, जीआईएस और आर्किटेक्ट की नौकरी तलाश रही थीं. कई इंटरव्यू के बाद एक कंपनी ने उन्हें नौकरी देने की बात कही. शुरुआत में कंपनी ने उनकी मांगी गई सैलरी से करीब आधी सैलरी ऑफर की और कहा कि पहले नौकरी जॉइन कर लीजिए, तीन महीने बाद सैलरी बढ़ाने पर बात करेंगे.

बिना ऑफर लेटर के कंपनी ने जॉइन करने को कहा
महिला को यह शर्त ठीक नहीं लगी, इसलिए उन्होंने ऑफर ठुकरा दिया. कुछ दिन बाद कंपनी ने फिर कॉन्टेक्ट किया और इस बार फ्रीलांस काम का प्रस्ताव दिया. महिला ने प्रोफेशनल तरीके से अपना कोटेशन भेज दिया. इसके बाद कंपनी एक बार फिर फुल-टाइम नौकरी का ऑफर लेकर आई. इस बार सैलरी पहले से बेहतर थी और उनकी उम्मीद के काफी करीब थी, इसलिए उन्होंने ऑफर एक्सेप्ट करने का मन बना लिया. लेकिन असली झटका इसके बाद लगा.
फोन पर हुई बातचीत में कंपनी ने बताया कि कोई ऑफर लेटर नहीं दिया जाएगा. बस सोमवार से ऑफिस आकर काम शुरू करना होगा. साथ ही यह भी कहा गया कि रोज 10 घंटे ऑफिस में काम करना होगा, हफ्ते में पांच दिन दफ्तर आना होगा और जरूरत पड़ने पर वीकेंड में भी घर से काम करना पड़ेगा. महिला ने न तो नौकरी से इनकार किया और न ही किसी तरह की बहस की. उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि जॉइन करने से पहले उन्हें लिखित ऑफर लेटर चाहिए. साथ ही उन्होंने सैलरी, प्रोबेशन पीरियड के बाद मिलने वाले पैकेज और काम के घंटों की लिखित जानकारी भी मांगी. उनका कहना था कि ये बातें साफ हो जाएं तो उन्हें नौकरी स्वीकार करने में खुशी होगी.

लोगों ने महिला के बात पर दी सहमति
लेकिन कंपनी ने जवाब में जो किया, उसने सभी को हैरान कर दिया. अगले ही ईमेल में कंपनी ने लिखा कि वह नौकरी का ऑफर वापस ले रही है. एचआर की ओर से कहा गया कि काम के घंटे और जॉइनिंग से जुड़ी बातों पर हुई चर्चा के बाद उन्हें लगा कि उम्मीदवार की अपेक्षाएं कंपनी की जरूरतों से मेल नहीं खातीं. इसलिए ऑफर तुरंत रद्द किया जा रहा है. यह घटना रेडिट पर वायरल हो गई. पोस्ट पढ़ने के बाद हजारों लोगों ने महिला का समर्थन किया. लोगों का कहना था कि नौकरी जॉइन करने से पहले ऑफर लेटर मांगना या काम के घंटे पूछना कोई गलत बात नहीं है. यह हर कर्मचारी का अधिकार है. कई यूजर्स ने लिखा कि अगर कोई कंपनी शुरुआत में ही लिखित ऑफर देने से बच रही है, तो आगे चलकर वहां और भी दिक्कतें आ सकती हैं.
कुछ लोगों ने यह भी कहा कि कंपनी शायद ऐसे कर्मचारी चाहती थी जो बिना कोई सवाल पूछे हर शर्त मान लें. वहीं कई यूजर्स का मानना था कि अगर पहले ही दिन 10 घंटे काम की बात कही जा रही है, तो बाद में काम का दबाव और भी ज्यादा हो सकता था. यह पूरी घटना एक बड़ा सवाल छोड़ जाती है. क्या नौकरी करने से पहले अपनी सैलरी, काम के घंटे और ऑफर लेटर के बारे में जानकारी मांगना गलत है? ज्यादातर लोगों का जवाब 'नहीं' है. आखिर किसी भी कर्मचारी को यह जानने का पूरा हक है कि वह किन शर्तों पर काम करने जा रहा है.