विदेश में बसने का सपना देखने वालों की कमी नहीं है, लेकिन कई लोग ऐसे भी हैं जिन्हें देश छोड़ने के बाद भारत की अहमियत ज्यादा समझ आती है. अमेरिका के कैलिफोर्निया में रहने वाली भारतीय महिला मनाली डे ने एक वीडियो शेयर कर बताया कि विदेश में रहने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि भारत कई मामलों में कहीं ज्यादा सुविधाजनक, जीवंत और अपनापन भरा है.
'भारत में है Chaotic Perfection'
मनाली ने अपने वीडियो में भारत और अमेरिका की रोजमर्रा की जिंदगी की तुलना की. उन्होंने कहा कि भारत में खाना इतनी तेजी से डिलीवर हो जाता है कि लोग नेटफ्लिक्स पर क्या देखना है, यह तय भी नहीं कर पाते. वहीं अमेरिका में खाना तय समय पर जरूर पहुंचता है, लेकिन 10-20 मिनट में नहीं. ऊपर से डिलीवरी फीस, सर्विस फीस और टिप मिलाकर कई बार खाने से ज्यादा खर्च हो जाता है.
ग्राहक सेवा से लेकर स्ट्रीट फूड तक की तुलना
मनाली ने ग्राहक सेवा का उदाहरण देते हुए कहा कि भारत में अक्सर समस्या का समाधान तुरंत करने की कोशिश की जाती है, जबकि अमेरिका में लंबे समय तक होल्ड पर इंतजार करना पड़ता है.
उन्होंने भारतीय स्ट्रीट फूड की भी तारीफ की. उनके मुताबिक, 50 रुपये की पानीपुरी तुरंत खुशी दे सकती है, जबकि अमेरिका में महंगा सैंडविच खरीदने के बाद भी वैसा संतोष नहीं मिलता.
यह भी पढ़ें: अमेरिका में टेलर कितना कमाते हैं? एक घंटे की सिलाई के मिलते हैं इतने रुपये
त्योहारों की रौनक सबसे ज्यादा याद आती है
मनाली ने कहा कि भारत में त्योहार पूरे मोहल्ले और समुदाय को जोड़ देते हैं. रोशनी, मिठाइयां, संगीत और रिश्तेदारों से मुलाकात का अलग ही माहौल होता है. वहीं अमेरिका में कई बार त्योहारों का जश्न सीमित समय में मनाकर लोग अगले दिन काम पर लौट जाते हैं.
यह भी पढ़ें: यहां 2-3 हफ्ते की छुट्टी लेना आम बात, भारतीय ने बताया कैसा है यूरोप का वर्क कल्चर
उन्होंने भारत को "कैओटिक परफेक्शन" बताते हुए कहा कि यहां शोर है, भीड़ है और कभी-कभी परेशानियां भी हैं, लेकिन साथ ही यहां अपनापन, गर्मजोशी और जिंदगी से भरा माहौल भी है.
देखें वीडियो
सोशल मीडिया पर क्या बोले लोग?
मनाली की पोस्ट पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. एक यूजर ने लिखा, "अगर भारत में सब इतना अच्छा है तो लोग मौका मिलते ही विदेश क्यों जाना चाहते हैं?" वहीं दूसरे यूजर ने कहा, "भारत भले ही अव्यवस्थित लगे, लेकिन यहां जैसा अपनापन कहीं नहीं मिलता."
कई लोगों ने डिलीवरी और खाने की तुलना को बिल्कुल सही बताया, जबकि कुछ यूजर्स ने कहा कि विदेश में त्योहार मनाने का अनुभव कभी भी भारत जैसा नहीं हो सकता.