जी20 की अध्यक्षता इस साल भारत कर रहा है. इसके तहत देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बैठकों का आयोजन किया जा रहा है. यहां आने वाले विदेशी मेहमान स्थानीय संस्कृति और परंपरा से रूबरू हों, इसके लिए कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं. इस बीच अगर हम बीते हफ्ते की बात करें, तो सबसे ज्यादा चर्चा जम्मू कश्मीर में हुई बैठक की रही. यहां तीसरी पर्यटन कार्य समूह की बैठक हुई थी. इस दौरान मेहमानों की सुरक्षा को काफी सख्त रखा गया.
श्रीनगर की बैठक से दुनिया को एक कड़ा संदेश भी गया है. इस बैठक का पड़ोसी देश पाकिस्तान शुरू से विरोध कर रहा था. हालांकि वो इस समूह का सदस्य नहीं है, तो उसके विरोध करने से भी कोई फरक नहीं पड़ता. मगर उसके दोस्त चीन ने भी बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया था और कहा कि वो विवादित क्षेत्र में हुई बैठक में शामिल नहीं होगा. चीन जी20 का सदस्य देश है. भारत ने इस मामले में साफ संदेश दिया कि वो अपनी जमीन पर जहां चाहे वहां बैठक का आयोजन कर सकता है, इसका उसे पूर्ण अधिकार है.
The rich cultural heritage of Jammu & Kashmir blossoms! ✨
— G20 India (@g20org)
Delegates at the 3⃣rd Meet witnessed a mesmerising display of vibrant & traditional folk performances. They were moved by the region's extraordinary diversity & artistic brilliance.
इस खबर में हम जी20 के बीते हफ्ते की बड़ी खबरों के बारे में जानेंगे. साथ ही ये भी जानेंगे कि बीते हफ्ते कौन सी बैठकों का आयोजन हुआ और इस हफ्ते कौन सी बैठकें होंगी. इससे पहले आपको बता देते हैं कि आखिर जी20 क्या है.
जी20 दुनिया के 20 देशों का एक समूह है, जिसकी स्थापना साल 1999 में एशियाई वित्तीय संकट के बाद हुई थी. ग्रुप ऑफ ट्वेंटी यानी जी20 में 19 देश (अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किये, ब्रिटेन और अमेरिका) और यूरोपीय संघ शामिल हैं.
जी20 दो प्रमुख चैनलों पर काम करता है- शेरपा ट्रैक और वित्तीय ट्रैक. इसके साथ ही इंगेजमेंट ग्रुप भी होता है. इन्हीं के वर्किंग ग्रुप्स के बीच ये बैठक होती हैं.
उत्तराखंड के ऋषिकेश में हुई बैठक
यहां विभिन्न देशों के प्रतिनिधि ओणी गांव में दूसरी भ्रष्टाचार विरोधी कार्य समूह की बैठक के लिए पहुंचे थे. इसका आयोजन 25 मई, 2023 को हुआ. मेहमानों ने इस दौरान नरेंद्रनगर के मॉडल विलेज ओणी गांव का भी दौरा किया. उन्होंने ग्रामीण परिवेश को करीब से देखा. साथ ही गांव में पौधारोपण का काम किया. मेहमानों को यहां के पांच स्थानों- मॉडर्न आंगनबाड़ी, मॉडर्न पंचायत घर, फॉरेस्ट वाचिंग टावर, ओपन जिम और म्यूजियम का दौरा कराया गया.
जम्मू कश्मीर में सफलतापूर्वक हुई बैठक
जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में जी20 की बैठक का सफलतापूर्वक आयोजन हुआ. मेहमानों की सुरक्षा इतनी सख्त थी कि उन्होंने आसपास के बाजारों का बेफिक्र होकर दौरा किया. सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने खूब खरीदारी की. उन्होंने घाटी के प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थलों का दौरा किया. उन्होंने अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीर में आए बदलाव को अपनी आंखों से देखा है, कि कैसे यहां विकास तेज गति से हो रहा है. साथ ही घाटी में आतंकवाद काफी पीछे छूट गया है.
SOUND ON! 🔊🎶
— G20 India (@g20org)
Delegates of the 3rd Meeting explored the soulful symphonies of Jammu & Kashmir through traditional musical performances. The enchanting rhythms carried the essence of the majestic mountains & lakes that adorn this 'Paradise on Earth'!
इससे कश्मीर को लेकर दुष्प्रचार फैलने वाले पाकिस्तान को भी जोरदार तमाचा लगा है. मेहमान हल्की बूंदा बांदी के बीच छाता लेकर पुनर्निर्मित पोलो व्यू मार्केट गए. बैठक की शुरुआत में जब मेहमान यहां पहुंचे थे, तब उनका स्वागत कश्मीरी गीतों के साथ हुआ था. उन्होंने यहां स्थानीय संस्कृति और परंपरा का भी अनुभव किया.
भारत के साथ खड़े रहे मुस्लिम देश
पाकिस्तान ने जी20 को लेकर चाहे कितना ही रोना क्यों न रोया हो, तीन मुस्लिम देश ऐसे भी थे, जो भारत के साथ खड़े रहे. श्रीनगर में हुई जी20 की बैठक के विरोध में पाकिस्तान ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी. चीन ने भी बैठक से किनारा कर लिया. इसके साथ ही पाकिस्तान ने अपने जहरीले बोल से इस्लामिक देशों तक से इस मामले में गुहार लगाई थी. बाद में चीन, सऊदी अरब और तुर्की ने बैठक से किनारा कर लिया. हालांकि तीन मुस्लिम देश खुलकर भारत के साथ खड़े हुए. ये देश, इंडोनेशिया, संयुक्त अरब अमीरात और बांग्लादेश हैं.