दुनिया के सबसे कुख्यात ड्रग तस्करों में शुमार जोआक्विन 'एल चेपो' गुजमैन को लेकर कहा जाता है कि उसने हजारों लोगों की हत्या करवाई. खुद उसके बारे में यह दावा भी सामने आया कि उसने 2,000 से 3,000 लोगों को मरवाया. अरबों डॉलर का ड्रग कारोबार, सुरंगों का नेटवर्क, भ्रष्ट अधिकारियों से सांठगांठ और जेल से फरार होने के हैरतअंगेज तरीके... एल चेपो की कहानी किसी फिल्म से कम नहीं रही.
डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, अब अमेरिकी जांच एजेंसी के पूर्व स्पेशल एजेंट एरिक बैलियट ने अपनी किताब 'किंगपिन्स एंड कोयोट्स' के जरिए उस पूरे ऑपरेशन से जुड़े कई दिलचस्प किस्से बताए हैं. एरिक उस टीम का हिस्सा थे, जिसने एल चेपो के फोन मैसेज को इंटरसेप्ट कर उसकी गतिविधियों पर नजर रखी और आखिरकार उसे पकड़ने में अहम भूमिका निभाई.
कोर्ट में पहली बार देखा तो आम आदमी लगा
अपनी आत्मकथा 'किंगपिन्स एंड कोयोट्स' के विमोचन के अवसर पर डेली मेल को दिए एक इंटरव्यू में एरिक बैलियट ने बताया कि 2017 में जब एल चेपो न्यूयॉर्क की अदालत में पेश हुआ तो एरिक भी वहां मौजूद थे. उस वक्त एल चेपो दुनिया के सबसे वांछित अपराधियों में से एक था.
एरिक बताते हैं कि उन्हें उम्मीद थी कि इतना खतरनाक अपराधी देखने में किसी 'क्रिमिनल जीनियस' जैसा लगेगा. लेकिन जब उन्होंने उसे देखा तो वह बिल्कुल एक सामान्य अधेड़ उम्र के आदमी जैसा लगा. उसने अपनी पत्नी की तरफ हल्की सी हाथ हिलाकर प्रतिक्रिया दी. लेकिन कुछ ही मिनट बाद अदालत में उसके अपराधों और हत्याओं से जुड़े किस्से सामने आने लगे.
यहीं से एरिक को यह एहसास और गहरा हुआ कि दिखने में सामान्य यह आदमी कितना खतरनाक था.एरिक ने 2012 में अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशंस यानी HSI में काम शुरू किया. शुरुआत में वह अमेरिका और मैक्सिको के बीच ड्रग के पैसे को इधर-उधर पहुंचाने वाले नेटवर्क की जांच कर रहे थे.
जांच आगे बढ़ी तो इसका कनेक्शन एल चेपो के नेटवर्क से जुड़ गया. उस समय एल चेपो और उसके साथी मैसेंजर के जरिए बात करते थे. अमेरिकी एजेंट इन संदेशों को इंटरसेप्ट करने लगे. धीरे-धीरे उन्हें उसके बॉडीगार्ड, कुरियर और करीबियों की बातचीत से उसके आने-जाने और रोजमर्रा की गतिविधियों की जानकारी मिलने लगी.
फिर 2013 के आखिर में जांचकर्ताओं को एक बड़ा सुराग मिला. कुछ मैसेज में एल चेपो के बेटे एडगर का जिक्र था, जिसकी 2008 में हत्या हो गई थी. बातचीत का विश्लेषण करने के बाद एजेंट इस नतीजे पर पहुंचे कि ये संदेश खुद एल चेपो और उसकी दूसरी पत्नी ग्रिसेल्डा के बीच हुए थे.अब जांचकर्ताओं के पास पहली बार सीधे एल चेपो तक पहुंचने वाली जानकारी थी.
एक दिन में करीब 100 मैसेज भेजता था
एल चेपो काफी हद तक अपने फोन पर निर्भर था. कई बार वह एक दिन में करीब 100 मैसेज तक भेज देता था. हजारों मैसेज पढ़ते-पढ़ते एरिक को सिर्फ उसके अपराधों की जानकारी नहीं मिली, बल्कि उसकी निजी जिंदगी की भी तस्वीर सामने आने लगी.
मसलन, एल चेपो को अच्छा खाना पसंद था. खास तौर पर चाइनीज खाना. वह अपने कुरियर को मैसेज करके सिर्फ 'चाइनीज लेकर आओ' कह देता और सामने वाला समझ जाता कि किस रेस्टोरेंट से क्या लाना है. एक बार उसने नाश्ते में बिरिया स्टू तक मंगाया था.
एरिक के मुताबिक, मैसेज में एल चेपो का एक दूसरा चेहरा भी नजर आता था. वह अपने बच्चों और पोतियों को प्यार भरे मैसेज भेजता था. कभी जन्मदिन पर केक या फूल भेजने की बात करता तो कभी बच्चों के लिए प्यार भरे संदेश लिखता. लेकिन इसी के साथ उसके मैसेज में हत्या, ड्रग्स और धमकियों की बातें भी होती थीं.
एरिक कहते हैं कि यही एल चेपो की सबसे हैरान करने वाली बात थी—एक तरफ बेहद हिंसक अपराधी और दूसरी तरफ परिवार के लिए प्यार जताने वाला व्यक्ति.
पहली बार पकड़ने गए तो बाथटब के नीचे से भाग गया
17 फरवरी 2014 को मैक्सिकन मरीन ने एल चेपो के एक कुरियर को पकड़ लिया. उसका नाम 'नारिज' था. पूछताछ में उससे एल चेपो के ठिकाने की जानकारी मिली. सुरक्षा बलों ने कुलियाकान में उस घर पर धावा बोल दिया. लेकिन यहां एल चेपो ने एक बार फिर सबको चौंका दिया.
घर का मुख्य दरवाजा काफी मजबूत था. उसे तोड़ने में सुरक्षाबलों को समय लग गया. जब वे अंदर पहुंचे तो एल चेपो गायब था. बाद में पता चला कि वह अपने बाथटब के नीचे बने एक गुप्त रास्ते से सीवर सिस्टम में चला गया था. बताया गया कि बाथटब के नीचे बने रास्ते को एक खास तरीके से लाइट स्विच ऑन करके खोला जाता था.यानी सुरक्षा बलों के पहुंचने से ठीक पहले वह जमीन के नीचे बने रास्ते से फरार हो चुका था.
पांच दिन बाद होटल से पकड़ा गया
पहली कोशिश नाकाम होने के बाद अमेरिकी और मैक्सिकन एजेंसियों ने तलाश जारी रखी. जब्त किए गए कई फोन और दूसरे डिजिटल सुरागों की मदद से जांचकर्ताओं ने एल चेपो की गतिविधियों को जोड़ना शुरू किया. आखिरकार उसका पता मैक्सिको के समुद्री शहर माजातलान के एक होटल तक पहुंचा.
22 फरवरी 2014 की सुबह मैक्सिकन सैनिकों ने होटल के चौथे फ्लोर पर मौजूद कमरे का दरवाजा तोड़ा. अंदर एल चेपो अपनी पत्नी एमा कोरोनेल के साथ था. पास में उनकी छोटी बेटियां भी थीं.
एरिक के मुताबिक, एल चेपो बाथरूम की तरफ भागा और सैनिकों ने उसे AK-47 तैयार करने की कोशिश करते सुना. लेकिन उसकी पत्नी ने सैनिकों से उसे बच्चों के सामने न मारने की गुहार लगाई. कुछ ही देर बाद एल चेपो ने सरेंडर कर दिया. इस बार वह बच नहीं सका.
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई
एल चेपो को हाई-सिक्योरिटी जेल भेज दिया गया. लेकिन करीब डेढ़ साल बाद उसने वहां से भी फरार होकर पूरी दुनिया को चौंका दिया. 11 जुलाई 2015 को वह अपनी कोठरी के शॉवर से जुड़े एक सुरंग के रास्ते निकल गया. यह सुरंग करीब एक मील लंबी थी और इसमें एक खास मोटरसाइकिल जैसी मशीन भी लगी थी.
अमेरिकी एजेंटों के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं थी. एरिक कहते हैं कि उनके फोन पर लगातार मैसेज आने लगे कि एल चेपो फिर भाग गया है. उन्होंने अपने पुराने साथियों से कहा कि टीम को फिर से इकट्ठा करना होगा.
जांच के दौरान एजेंटों को पता चला कि अमेरिकी अभिनेता सीन पेन एल चेपो से मिलने जा रहा है. एल चेपो अपनी जिंदगी पर फिल्म बनवाने में दिलचस्पी रखता था. अमेरिकी एजेंसियों ने सीन पेन और मैक्सिकन अभिनेत्री केट डेल कैस्टिलो की गतिविधियों पर नजर रखी. इस दौरान जांचकर्ताओं को एल चेपो के संभावित ठिकाने तक पहुंचने के संकेत मिले.
हालांकि उस वक्त सुरक्षा और राजनीतिक कारणों से अमेरिकी एजेंटों को सीधे कार्रवाई करने की अनुमति नहीं मिली. इसके बाद जांच फिर एल चेपो के करीबी लोगों पर केंद्रित हुई.
आखिरकार 2016 में दोबारा गिरफ्तारी
एल चेपो के सुरक्षा प्रमुख एल चोलो इवान और एक अन्य करीबी व्यक्ति की गतिविधियों पर नजर रखी गई. इससे जांचकर्ताओं को मैक्सिको के लॉस मोचिस शहर में एक ठिकाने का पता चला.
8 जनवरी 2016 को मैक्सिकन सैनिकों ने वहां छापा मारा. गोलीबारी हुई और कई हथियारबंद लोग मारे गए. एल चेपो और उसका साथी एक सुरंग के जरिए भाग निकले. दोनों ने बाद में एक गाड़ी छीनी, लेकिन वह खराब हो गई. इसके बाद उन्होंने दूसरी कार अपने कब्जे में ली.
उन्हें लगा कि वे फिर बच जाएंगे. लेकिन रास्ते में दो पुलिस अधिकारियों ने उन्हें तेज गाड़ी चलाने के लिए रोक लिया. पुलिसकर्मियों ने जल्द ही पहचान लिया कि सामने कौन है. इस बार एल चेपो गिरफ्तार हो चुका था. 2017 में उसे अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया. न्यूयॉर्क में चले मुकदमे में जांच एजेंसियों द्वारा जुटाए गए सबूत अहम रहे और 2019 में उसे दोषी ठहराया गया.
आज एल चेपो अमेरिका की बेहद सुरक्षित सुपरमैक्स जेल में सजा काट रहा है. लेकिन उसकी गिरफ्तारी से ड्रग कारोबार खत्म नहीं हुआ. पूर्व एजेंट एरिक बैलियट के मुताबिक, ऐसे संगठन किसी एक व्यक्ति पर पूरी तरह निर्भर नहीं होते. एक नेता के पकड़े जाने या मारे जाने के बाद भी उनकी जगह लेने वाले लोग तैयार रहते हैं.यानी एल चेपो जेल में है, लेकिन जिस ड्रग नेटवर्क को उसने खड़ा किया था, उसकी कहानी उसके साथ खत्म नहीं हुई.