सोशल मीडिया पर इन दिनों एक अजीब-सा लेकिन दिलचस्प ड्रिंक चर्चा में है.वो है दूध-सोडा. धुरंधर फिल्म के एक सीन में इसका जिक्र हुआ था, लेकिन जैसे ही धुरंधर 2 रिलीज हुई, यह ड्रिंक एक बार फिर ट्रेंड में आ गया. इंस्टाग्राम और अन्य प्लेटफॉर्म पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग इस ड्रिंक को बनाते और ट्राई करते नजर आ रहे हैं.
दरअसल, धुरंधर के पहले पार्ट में दूध-सोडा का जिक्र एक यादगार स्ट्रीट वेंडर सीन में आता है. फिल्म के मिड सेक्शन में कहानी पाकिस्तान के कराची शहर के ल्यारी इलाके में पहुंचती है, जहां मोहम्मद आलम नाम का किरदार एक छोटा-सा स्टॉल चलाता दिखता है. इसी सीन का डायलॉग और अंदाज लोगों को याद रह गया, जिसने इस ड्रिंक को चर्चा में ला दिया.
अब धुरंधर 2 के रिलीज होते ही इसका असर थिएटर तक भी पहुंच गया है. सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में देखा जा सकता है कि बिहार के पूर्णिया के एक सिनेमा हॉल में 'दूध-सोडा' बेचा जा रहा है. खास बात यह है कि इसे 'आलम स्टाइल' में सर्व किया जा रहा है, जो फिल्म के किरदार से प्रेरित है.
थिएटर के अंदर लगाए गए इस स्टॉल और उसके अलग अंदाज के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. दर्शक इसे देखकर हैरान भी हैं और उत्सुक भी. ऐसा कम ही देखने को मिलता है जब कोई फिल्म लोगों के खाने-पीने की पसंद पर भी असर डाल दे.
इस ट्रेंड को लेकर जो पोस्ट वायरल हुई, उसे विशेक चौहान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया. विशेक चौहान एक फिल्म एग्जिबिटर हैं और थिएटर बिजनेस से जुड़े प्रोफेशनल माने जाते हैं. उन्होंने बताया कि उनकी टीम ने दर्शकों को अलग अनुभव देने के लिए 'आलम दूध-सोडा' स्टॉल लगाया.
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आखिर दूध-सोडा होता क्या है?
दूध-सोडा कोई नया फ्यूजन ड्रिंक नहीं है, बल्कि यह एक पुराना स्ट्रीट बेवरेज है. इसमें ठंडे दूध को सोडा के साथ मिलाया जाता है. कई जगह इसमें अलग-अलग फ्लेवर या सिरप भी डाले जाते हैं. सही अनुपात में बनाया जाए तो यह हल्का और ताजगी देने वाला पेय बन जाता है.
भारत और पाकिस्तान का क्या है कनेक्शन
यह ड्रिंक भारत और पाकिस्तान दोनों जगह दशकों से पिया जाता रहा है. खासकर पंजाब, पुरानी दिल्ली और अमृतसर में यह गर्मियों की पसंदीदा चीज हुआ करती थी. समय के साथ इसका चलन कम हो गया, लेकिन अब यह फिर चर्चा में है.
पाकिस्तान में यह और भी लोकप्रिय है. लाहौर के फूड ब्लॉगर 'साहिलॉजी' के अनुसार, वहां दूध को ठंडा और झागदार बनाने के लिए सोडा मिलाया जाता है. कुछ जगहों पर इसमें लाल रंग की कोला भी मिलाई जाती है, जिससे इसका स्वाद और रंग अलग हो जाता है.