स्कूल की यादों में ये याद हर किसी की जहन में रहती है. स्कूल की घंटी बजते ही क्लास में सबसे पहले अटेंडेंस शुरू होती है. टीचर एक-एक छात्र का नाम या रोल नंबर पुकारते हैं और बच्चे जवाब देते हैं-प्रेजेंट मैम. और हो गया ये हाजिरी का काम और ,स्कूल की शुरूआत.लेकिन कोई कहे अब इस तरीके का थोड़ा सा मोडिफाइड कर दें. यानी ये कोई प्रेजेंट मैम और अटेंडेस मैम नहीं हो. बस एक काम हो हो गई अटेंडेंस. दिल्ली के एक स्कूल की टीचर ने अटेंडेंस लेने का ऐसा अनोखा तरीका अपनाया है, जिसने सोशल मीडिया पर लाखों लोगों का दिल जीत लिया है.
इस अनोखे आइडिया का वीडियो इंस्टाग्राम पेज @mind_map_master ने शेयर किया है. वीडियो में बच्चे क्लास में आते ही अपनी सीट पर नहीं बैठते. सबसे पहले वे दीवार पर लगे एक रंग-बिरंगे बोर्ड के पास जाते हैं. इस बोर्ड पर हर छात्र के नाम और फोटो वाली छोटी-छोटी माचिस की डिब्बियां लगी हुई हैं.
माचिस की डिब्बी से लगती है हाजिरी
हर डिब्बी के अंदर 'A' (Absent) और 'P' (Present) लिखा हुआ है. जैसे ही छात्र क्लास में पहुंचते हैं, वे अपनी डिब्बी को खिसकाकर 'P' पर कर देते हैं. यानी बच्चे खुद अपनी हाजिरी लगाते हैं. इस पूरी प्रक्रिया में टीचर को किसी का नाम पुकारने की जरूरत नहीं पड़ती.
सिर्फ अटेंडेंस नहीं, जिम्मेदारी का भी सबक
वीडियो देखने के बाद कई लोगों ने कहा कि यह सिर्फ अटेंडेंस लेने का तरीका नहीं है, बल्कि बच्चों में जिम्मेदारी और ईमानदारी की भावना विकसित करने का शानदार प्रयास है. बिना किसी भाषण या सीख के बच्चों को भरोसा करना सिखाया जा रहा है.
देखें वीडियो
वीडियो देखकर लोगों ने क्या कहा
वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने इस आइडिया की खूब तारीफ की. एक यूजर ने लिखा, "बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाने का यह शानदार तरीका है." दूसरे ने कहा, "इतना आसान और शानदार आइडिया पहले कभी नहीं देखा."
वहीं कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में लिखा कि अगर उनके स्कूल में ऐसा सिस्टम होता, तो दोस्त रोज उनकी भी हाजिरी लगा देते. एक यूजर ने तो यहां तक कहा कि क्लास का कोई शरारती बच्चा सबकी डिब्बियां वापस 'A' पर कर देता और फिर पूरी क्लास में हड़कंप मच जाता.
बिना तकनीक के भी हो सकता है इनोवेशन
ऐसे समय में जब स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड, टैबलेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसी तकनीकों पर जोर दिया जा रहा है, यह छोटा-सा आइडिया दिखाता है कि अच्छा इनोवेशन महंगे उपकरणों का मोहताज नहीं होता. कुछ खाली माचिस की डिब्बियां, कार्डबोर्ड, बच्चों की तस्वीरें और एक अलग सोच रखने वाला शिक्षक भी सीखने का अनुभव यादगार बना सकता है.
यही वजह है कि दिल्ली की इस टीचर का अनोखा अटेंडेंस सिस्टम सोशल मीडिया पर लोगों का दिल जीत रहा है.