
बेंगलुरु में एक अस्पताल के अंदर लाइव म्यूजिक नाइट आयोजित की गई. इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही बहस छिड़ गई. सवाल सिर्फ यह नहीं था कि संगीत कितना तेज था या कार्यक्रम कितना व्यवस्थित था, बल्कि लोगों ने पूछा कि क्या अस्पताल जैसी जगह पर पार्टी या म्यूजिक इवेंट होना चाहिए?
यह अनोखा कार्यक्रम सुपरहेल्थ बेंगलुरु ने लोकलहोस्ट HQ के साथ मिलकर आयोजित किया था. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में अस्पताल के भीतर लाइव म्यूजिक सेटअप दिखाई दिया.
X यूजर @iamgaurangdesai ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि अस्पतालों को देखने का नजरिया बदलने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने कहा कि लोग अस्पतालों से डरते हैं, जबकि ज्यादातर लोगों की जिंदगी की शुरुआत भी अस्पताल से ही होती है. पोस्ट में लिखा गया कि शनिवार की रात बेंगलुरु को यही याद दिलाने के लिए अस्पताल के कॉरिडोर में लाइव म्यूजिक का आयोजन किया गया.
इस कार्यक्रम को आयोजकों ने 'HOSPITA/ITY' नाम दिया था. अस्पताल में म्यूजिक नाइट आयोजित करने से पहले आयोजकों ने कई सख्त नियम भी बनाए थे.
अस्पताल ने रखा ये ख्याल
उनके मुताबिक, कार्यक्रम अस्पताल के सिर्फ नॉन-क्लिनिकल फ्लोर पर आयोजित किया गया और इसे OPD का समय खत्म होने के बाद रखा गया. इवेंट वाली जगह और मरीजों के क्लिनिकल एरिया को पूरी तरह अलग रखा गया. इनपेशेंट विभागों में जाने पर रोक थी और मरीजों की प्राइवेसी बनाए रखने के निर्देश दिए गए थे.
आयोजकों ने यह भी साफ किया था कि इमरजेंसी रूट पूरे समय खुले रहेंगे. कार्यक्रम में शराब, स्मोकिंग और वेपिंग की इजाजत नहीं थी. मेहमानों के लिए 'सुपरबूस्टर्स, कोम्बुचा, म्यूजिक एंड गुड एनर्जी' जैसी चीजों का इंतजाम किया गया था.

आवाज को लेकर भी नियम बनाए गए थे. आयोजकों का कहना था कि अस्पताल के माहौल को ध्यान में रखते हुए डेसिबल लिमिट तय की गई थी. पूरे कार्यक्रम के दौरान साउंड को कंट्रोल रखा गया. सिक्योरिटी और हॉस्पिटैलिटी टीम भी मौजूद थी, ताकि लोगों की आवाजाही और एंट्री को कंट्रोल किया जा सके. हाउस रूल्स में लोगों से कहा गया था- 'जिज्ञासा के साथ आइए, जगह का सम्मान कीजिए और एक-दूसरे का ध्यान रखिए.' एक अन्य पोस्ट में इस इवेंट को 'सात्विक पार्टी' भी बताया गया और लिखा गया-ऐसा सिर्फ बेंगलुरु में ही हो सकता है.
लेकिन फिर भी उठा सवाल
लेकिन सोशल मीडिया पर हर कोई इस आइडिया से खुश नहीं दिखा. कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि चाहे पार्टी नॉन-क्लिनिकल एरिया में हो और मरीजों को उससे दूर रखा गया हो, फिर भी क्या अस्पताल मनोरंजन कार्यक्रमों के लिए सही जगह है?
लोगों का कहना था कि अस्पताल सिर्फ एक बिल्डिंग नहीं होता. वहां मरीज इलाज करा रहे होते हैं, परिवार के लोग किसी की बीमारी को लेकर परेशान होते हैं और कई लोग मुश्किल हालात से गुजर रहे होते हैं. ऐसे में उसी जगह का एक हिस्सा म्यूजिक और सोशल इवेंट के लिए इस्तेमाल करना लोगों को असहज कर सकता है.
सवाल यह भी है कि क्या अस्पताल को इलाज की जगह से आगे बढ़ाकर एक सोशल स्पेस भी बनाया जा सकता है, या फिर उसकी संवेदनशीलता को देखते हुए ऐसा नहीं होना चाहिए?
आयोजकों ने मरीजों और कार्यक्रम को अलग रखने के लिए कई इंतजाम किए थे. लेकिन सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस बता रही है कि शनिवार की रात अस्पताल में लाइव म्यूजिक का आइडिया, नियमों के बावजूद, लोगों के लिए आसानी से स्वीकार करना मुश्किल है.