रियलिटी शो 'द ट्रेटर्स' (The Traitors) के दूसरे सीजन में नया विवाद खड़ा हो गया है. शो की कंटेस्टेंट और भारतीय क्रिकेटर शुभमन गिल की बहन शहनील गिल ने गेम के दौरान अंदर की जानकारी लीक किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है. शहनील ने पूरे मामले को कथित तौर पर 'मैच फिक्सिंग' जैसा बताते हुए पारुल गुलाटी की बार-बार सही साबित होने वाली 'गट फीलिंग' पर सवाल उठाए हैं.
शहनील का दावा है कि शो के एक इनोसेंट कंटेस्टेंट तक गेम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाई जा रही थी. हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और उपलब्ध जानकारी में पारुल की प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है. शहनील ने शो के प्रोडक्शन सिस्टम के बारे में बताते हुए कहा कि प्रत्येक कंटेस्टेंट को एक 'शैडो' दिया जाता है. यह व्यक्ति शूटिंग के दौरान कंटेस्टेंट की जरूरतों का ध्यान रखता है.
उन्होंने इंस्टाग्राम पर शेयर किए वीडियो में कहा, 'हर कंटेस्टेंट को प्रोडक्शन की तरफ से एक शैडो दिया जाता है, जो आपके लिए हर चीज का ध्यान रखता है. सुबह से रात तक आपको जो भी चाहिए, वह आपके लिए लेकर आता है.' इसके बाद शहनील गिल ने आरोप लगाया कि एक इनोसेंट कंटेस्टेंट के शैडो को कथित तौर पर पैसे दिए जा रहे थे और उसके जरिए गेम के अंदर की जानकारी उस कंटेस्टेंट तक पहुंच रही थी.
शहनील गिल ने पारुल की उस 'गट फीलिंग' का भी जिक्र किया, जिसके जरिए वह कथित तौर पर बार-बार ट्रेटर्स की सही पहचान कर रही थीं. शहनील ने तंज कसते हुए कहा, 'हर सुबह गट फीलिंग आती है कि यह व्यक्ति ट्रेटर है. यह गट फीलिंग आती कहां से है? मुझे भी ऐसी गट फीलिंग चाहिए थी. और फिर बूम... वह सही निकलती है.'
उनका कहना है कि शुरुआत में बाकी कंटेस्टेंट्स को लगा था कि पारुल की इंट्यूशन असाधारण रूप से मजबूत है. उन्होंने कहा, 'हमें सच में लगा कि हम कोई कमाल की सिक्स्थ सेंस देख रहे हैं. बाद में पता चला कि उस गट फीलिंग का एक सोर्स था.'
शहनील ने पूरे विवाद पर कटाक्ष करते हुए कहा, 'सोचिए, आप द ट्रेटर्स में जाएं और वहां ट्रेटर्स ही अकेले फेयर गेम खेल रहे हों.' उनके मुताबिक यदि किसी कंटेस्टेंट को बाहर से जानकारी मिल रही थी तो इससे उन इनोसेंट खिलाड़ियों को नुकसान हुआ, जो गेम के नियमों के तहत अपने अनुमान और रणनीति के जरिए ट्रेटर्स को पहचानने की कोशिश कर रहे थे.
'द ट्रेटर्स' के दूसरे सीजन को करण होस्ट कर रहे हैं. शो में कंटेस्टेंट्स को दो समूहों- Innocents और Traitors में बांटा जाता है. Innocents का काम अपने बीच छिपे ट्रेटर्स की पहचान करना होता है, जबकि ट्रेटर्स को अपनी असली पहचान छिपाते हुए Innocents को गेम से बाहर करना होता है.
इस फॉर्मेट में खिलाड़ियों की रणनीति, अनुमान और दूसरे कंटेस्टेंट्स के व्यवहार को पढ़ने की क्षमता काफी महत्वपूर्ण होती है. यही वजह है कि अगर किसी खिलाड़ी को बाहर से ट्रेटर्स की पहचान से जुड़ी जानकारी मिलने का आरोप सही साबित होता है तो उससे खेल की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं.