देश की रक्षा के लिए भारतीय सेना के जवानों को अक्सर ऐसी जगहों पर तैनात किया जाता है, जहां जिंदगी आसान नहीं होती. चारों तरफ बर्फ से ढके ऊंचे पहाड़, हाड़ कंपा देने वाली ठंड, तेज हवाएं और दूर-दूर तक पसरी खामोशी. ऐसी जगहों पर जवान महीनों तक अपने परिवार से दूर रहकर देश की सुरक्षा में डटे रहते हैं. ड्यूटी के दौरान उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ मौसम और मुश्किल हालात नहीं होते, बल्कि अपनों से दूर रहने का दर्द भी होता है.
लद्दाख के उमलिंग ला से सामने आया एक ऐसा ही वीडियो इन दिनों लोगों का दिल छू रहा है. वीडियो में सेना का एक जवान अपनी पत्नी का स्कार्फ लेकर वहां पहुंचा है. देखने में यह स्कार्फ भले ही कपड़े का एक छोटा-सा टुकड़ा लगे, लेकिन उस जवान के लिए इसमें उसकी पूरी दुनिया बसी हुई है. इसमें उसे अपनी पत्नी की मौजूदगी, उसकी याद और उसका प्यार महसूस होता है.
दोस्त ने पूछा- पत्नी का स्कार्फ क्यों लाए?
जवान ने अपने दोस्त से कहा कि वह उसका वीडियो बनाए. दोस्त ने जब जवान के हाथ में स्कार्फ देखा तो उससे सहज ही पूछ लिया कि आखिर वह अपनी पत्नी का स्कार्फ यहां क्यों लेकर आया है. इसके बाद जवान ने जो जवाब दिया, उसने इस पूरे पल को बेहद खास बना दिया. जवान ने बताया कि वह अपनी पत्नी को अपनी पोस्टिंग वाली जगह पर नहीं ला सकता. जिस जगह वह देश की सेवा कर रहा है, वहां की परिस्थितियां इतनी कठिन हैं कि परिवार को साथ रखना संभव नहीं है. लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह अपनी पत्नी को अपने से दूर महसूस करता है. वह पत्नी को अपने साथ तो नहीं ला सकता था, इसलिए उसकी एक प्यारी-सी निशानी अपने साथ ले आया.
पत्नी को नहीं ला सका, इसलिए स्कार्फ ही साथ ले आया
उसने बताया कि वह पत्नी का स्कार्फ लेकर आया है, ताकि जब वह इस बेहद खूबसूरत और ऊंचाई वाली जगह पर घूमे तो ऐसा लगे जैसे उसकी पत्नी भी उसके साथ है. वह स्कार्फ को लेकर उमलिंग ला की खूबसूरत वादियों में घूम रहा था और हर पल अपनी पत्नी को महसूस कर रहा था. जवान की बातों में सबसे ज्यादा भावुक कर देने वाली बात यह थी कि उसने अपनी पत्नी के साथ को सिर्फ उसके पास मौजूद होने से नहीं जोड़ा. उसके लिए प्यार का मतलब सिर्फ एक ही जगह पर रहना नहीं है. उसका मानना है कि इंसान दूर रहकर भी दिल और भावनाओं से एक-दूसरे के बेहद करीब हो सकते हैं.
‘वो मेरे साथ नहीं है, लेकिन इमोशनली जुड़ी हुई है’
जवान ने कहा- हो सकता है वो मेरे साथ नहीं है, लेकिन वो मेरे साथ इमोशनली जुड़ी हुई है. बस, यही एक लाइन इस पूरे वीडियो की कहानी बयां कर देती है. सोचिए, एक तरफ जवान देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभा रहा है और दूसरी तरफ उसके दिल में अपनी पत्नी की याद है. वह उसे अपनी पोस्टिंग पर नहीं ला सकता, उसके साथ इन बर्फीली पहाड़ियों को नहीं दिखा सकता, उसके साथ इस ठंड में खड़ा नहीं हो सकता. लेकिन उसने अपनी पत्नी की एक छोटी-सी चीज को अपने साथ रखकर उस दूरी को कुछ हद तक कम कर लिया.
प्यार बड़ी चीजों में नहीं, छोटी भावनाओं में होता है
कई बार प्यार बड़ी-बड़ी चीजों में नहीं, बल्कि ऐसी छोटी-छोटी भावनाओं में नजर आता है. किसी की दी हुई चीज को संभालकर रखना, उसे अपने साथ दूर तक ले जाना और मुश्किल वक्त में उसी से अपनेपन का एहसास करना भी प्यार की एक बेहद खूबसूरत भाषा है. इस जवान के लिए पत्नी का वह स्कार्फ सिर्फ एक कपड़ा नहीं है. वह उसके घर की याद है, उसकी पत्नी की मौजूदगी का एहसास और उसके साथ बिताए पलों की याद है. शायद इसी वजह से हजारों किलोमीटर दूर, बर्फीली वादियों के बीच भी उसे ऐसा महसूस हो रहा था कि उसकी पत्नी उसके साथ ही है.
जवान की कहानी में छिपा है सैनिक परिवारों का दर्द
इस कहानी में सिर्फ एक जवान का अपनी पत्नी के प्रति प्यार नहीं है, बल्कि उन तमाम सैनिक परिवारों की कहानी भी छिपी है, जो एक-दूसरे से दूर रहकर भी रिश्ते को मजबूती से निभाते हैं. जवान सीमा और दुर्गम इलाकों में देश की रक्षा करता है और घर पर उसका परिवार उसके लौटने का इंतजार करता है. लद्दाख की ऊंची पहाड़ियों के बीच पत्नी का स्कार्फ लेकर घूमता यह जवान शायद यही समझा रहा है कि दूरी रिश्तों को कमजोर नहीं करती, अगर दिल जुड़े हों. पत्नी उसके पास नहीं थी, लेकिन उसकी यादों के साथ थी. और कभी-कभी किसी अपने का सिर्फ एक स्कार्फ भी इंसान को यह महसूस कराने के लिए काफी होता है कि वह अकेला नहीं है.