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केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, पेट्रोल-डीजल और ATF पर घटा दिया ये टैक्‍स

केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल और विमान ईंधन के निर्यात पर विंडफाल टैक्‍स को कम कर दिया है. यह ऐसे समय में फैसला लिया गया है, जब वेस्‍ट एशिया में एनर्जी को लेकर अनिश्‍चि‍तता बनी हुई है.

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पेट्रोल और डीजल पर विंडफाल टैक्‍स घटा. (Photo: File/ITG)
पेट्रोल और डीजल पर विंडफाल टैक्‍स घटा. (Photo: File/ITG)

ग्‍लोबल स्‍तर पर अभी एनर्जी को लेकर अस्थिरता बनी हुई है. इस बीच, भारत सरकार ने फ्यूल एक्‍सपोर्ट को लेकर बड़ी राहत दी है. सरकार ने विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) और ऑटोमोबाइल फ्यूल (Petrol-Diesel) पर विंडफॉल टैक्‍स को कम कर दिया है. 

हालांकि, घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है. वित्त मंत्रालय द्वारा शुक्रवार देर रात जारी अधिसूचना के अनुसार, संशोधित दरें शनिवार से प्रभावी हो चुकी हैं. 

विंडफॉल टैक्‍स में कितनी हुई कटौती? 
इन बदलावों के तहत, ATF के निर्यात पर लगने वाला विंडफॉल गेन्स टैक्स 2.5 रुपये प्रति लीटर घटाकर 19.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है. डीजल निर्यात पर सरकार ने विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क 24 रुपये प्रति लीटर पर बरकरार रखा है, जबकि रोड एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सेस 1.5 रुपये प्रति लीटर को घटाकर शून्य कर दिया गया है. पेट्रोल निर्यात पर लगने वाला ये टैक्‍स भी शून्य कर दिया गया है.

घरेलू स्‍तर पर कोई बदलाव नहीं 
सरकार ने कहा है कि घरेलू खपत के लिए पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा उत्पाद शुल्क दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. सरकार ने बताया कि कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और विमानन टरबाइन ईंधन की पिछली समीक्षा के बाद से इंटरनेशनल प्राइस के आधार पर हर 15 दिनों पर टैक्‍स रेट्स में संशोधन किया जाता है.

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आज पेट्रोल और डीजल की कीमतें
15 अगस्त तक, वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता के बावजूद, भारत भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रहीं. दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और मुंबई में 111.2 रुपये प्रति लीटर बिका. वहीं ज्‍यादातर महानगरों में डीजल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर से नीचे रही.

गौरतलब है कि वेस्‍ट एशिया में एनर्जी संकट के आने के बाद विंडफाल टैक्‍स में बढ़ोतरी की गई थी, लेकिन अब एनर्जी को लेकर राहत मिलने के बाद इसमें फिर से कटौती की गई है. इस सप्ताह की शुरुआत में, केंद्र ने पेट्रोल, डीजल और विमानन टरबाइन ईंधन पर निर्यात शुल्क बढ़ाया था, जबकि पिछले संशोधनों में भी शोधन मार्जिन और अंतरराष्ट्रीय कीमतों में बदलाव के जवाब में इन शुल्कों को समायोजित किया गया था.
 

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