अमेरिका की जिंदगी कैसी होती है? वहां कमाई कितनी होती है? इसे लेकर लोगों में हमेशा दिलचस्पी रहती है. दुनिया के उन देशों में अमेरिका भी शामिल है, जहां लोगों की लाइफस्टाइल और कमाई को लेकर काफी चर्चा होती है. ऐसे में जानते हैं कि यूएस में अल्ट्रा-रिच परिवारों के घर काम करने वाले कुछ प्रोफेशनल्स की कमाई कितनी है. इनकी सैलरी का आंकड़ा अच्छे-अच्छे प्रोफेशनल्स को भी हैरान कर सकता है.
सीबीएस न्यूज ने इस बारे में एक रिपोर्ट पब्लिश की थी, जो अमेरिका के अल्ट्रा-रिच परिवारों के घर काम करने वाले हाउसहोल्ड स्टाफ पर आधारित थी. इनमें घर का खाना बनाने वाले प्राइवेट शेफ, घर और प्रॉपर्टी की देखभाल करने वाले एस्टेट मैनेजर, पर्सनल असिस्टेंट और चीफ ऑफ स्टाफ जैसे प्रोफेशनल्स शामिल हैं. हैरानी की बात यह है कि इनमें से कुछ पदों पर मिलने वाली सैलरी कई हाई-पेइंग प्रोफेशनल जॉब्स को भी टक्कर देती है.यही वजह है कि लग्जरी हाउसहोल्ड स्टाफिंग अब एक अलग तरह का हाई-पेइंग करियर बनता जा रहा है.
प्राइवेट शेफ को 2.5 करोड़ रुपये तक सैलरी
प्राइवेट शेफ इस लग्जरी हाउसहोल्ड स्टाफ में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली नौकरियों में शामिल हैं. सीबीएस न्यूज की 10 जुलाई 2026 की रिपोर्ट में लग्जरी स्टाफिंग फर्म मॉर्गन एंड मैलेट के एनालिसिस का हवाला देते हुए बताया गया कि अमेरिका में प्राइवेट शेफ की सालाना सैलरी 1 लाख से 3 लाख डॉलर तक हो सकती है. इंडियन करेंसी में यह रकम करीब 85 लाख से 2.5 करोड़ रुपये सालाना बैठती है.
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लेकिन इतने बड़े पैकेज के लिए सिर्फ अच्छा खाना बनाना काफी नहीं है. हाई-एंड प्राइवेट शेफ को परिवार की पसंद, लाइफस्टाइल और डायटरी रिक्वायरमेंट्स के हिसाब से मेन्यू तैयार करना पड़ सकता है. मिशेलिन-स्टार रेस्टोरेंट का अनुभव रखने वाले शेफ की मांग खास तौर पर ज्यादा हो सकती है. यानी यहां शेफ सिर्फ खाना नहीं बनाता, बल्कि पूरे परिवार के लिए एक तरह की पर्सनलाइज्ड फूड सर्विस संभालता है.
चीफ ऑफ स्टाफ की सैलरी भी 2.5 करोड़ तक
अल्ट्रा-रिच परिवारों के घरों में चीफ ऑफ स्टाफ की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण हो गई है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस पद पर सालाना 1.5 लाख से 3 लाख डॉलर तक सैलरी मिल सकती है.
यह भूमिका किसी सामान्य ऑफिस असिस्टेंट से काफी अलग होती है. चीफ ऑफ स्टाफ परिवार के अलग-अलग कामों और स्टाफ के बीच कोऑर्डिनेशन से लेकर कई महत्वपूर्ण निजी और एडमिनिस्ट्रेटिव जिम्मेदारियां संभाल सकता है. इतनी बड़ी जिम्मेदारी ही इस जॉब को लग्जरी हाउसहोल्ड की सबसे महंगी पोजीशंस में शामिल करती है.
पर्सनल असिस्टेंट को मिल सकते हैं 2 करोड़ रुपये से ज्यादा
अमीर परिवारों के बीच पर्सनल असिस्टेंट की मांग भी काफी ज्यादा है. रिपोर्ट में इस रोल की सैलरी 80,000 से 2.5 लाख डॉलर सालाना तक बताई गई है. इंडियन करेंसी में यह करीब 68 लाख से 2.1 करोड़ रुपये के आसपास हो सकती है.
इनका काम सिर्फ फोन कॉल्स उठाना या अपॉइंटमेंट्स बुक करना नहीं होता. ट्रैवल प्लानिंग, शेड्यूल मैनेजमेंट, निजी कामों की व्यवस्था और रोजमर्रा के कई जरूरी इंतजाम भी इनकी जिम्मेदारी का हिस्सा हो सकते हैं.
एस्टेट मैनेजर और एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट भी लाखों में
लग्जरी हाउसहोल्ड में बड़ी-बड़ी प्रॉपर्टीज संभालने के लिए एस्टेट मैनेजर की जरूरत होती है. रिपोर्ट के अनुसार, इस रोल की सालाना सैलरी 1.5 लाख से 2 लाख डॉलर तक हो सकती है.
वहीं एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट को करीब 1.2 लाख से 2 लाख डॉलर सालाना मिल सकते हैं. इन जॉब्स में सैलरी का बड़ा हिस्सा इस बात पर निर्भर करता है कि कर्मचारी के पास कितना एक्सपीरियंस है और वह कितनी बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहा है.
पर्सनल असिस्टेंट की सबसे ज्यादा मांग
लग्जरी हाउसहोल्ड स्टाफिंग की दुनिया में सिर्फ सैलरी ही नहीं, डिमांड भी दिलचस्प है. रिपोर्ट के मुताबिक, पर्सनल असिस्टेंट सबसे ज्यादा मांग वाले हाउसहोल्ड स्टाफ रोल्स में शामिल है और स्टाफिंग रिक्वेस्ट में इसकी हिस्सेदारी करीब 22 फीसदी है.
इससे पता चलता है कि अल्ट्रा-रिच परिवारों को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी मैनेज करने के लिए सिर्फ घरेलू कामगारों की नहीं, बल्कि प्रोफेशनल सपोर्ट स्टाफ की जरूरत भी बढ़ रही है.
नैनी को भी मिल सकता है बेहतर पैकेज
अमीर परिवारों में नैनी और शॉफर जैसे प्रोफेशनल्स की भी मांग बनी हुई है. खास स्किल्स रखने वाले कैंडिडेट्स को सामान्य कर्मचारियों की तुलना में बेहतर पैकेज मिल सकता है.
उदाहरण के लिए, कई भाषाएं बोलने वाली नैनी या विशेष अनुभव रखने वाले चाइल्डकेयर प्रोफेशनल्स को ज्यादा सैलरी मिलने की संभावना रहती है.
आखिर अमीर परिवार इतना पैसा क्यों दे रहे हैं?
इसके पीछे सबसे बड़ी वजह स्किल्ड और भरोसेमंद हाउसहोल्ड स्टाफ की कमी है. अल्ट्रा-रिच परिवारों को ऐसे कर्मचारी चाहिए, जिन पर वे अपनी निजी जिंदगी, बच्चों, प्रॉपर्टीज, ट्रैवल और महत्वपूर्ण रोजमर्रा के कामों के लिए भरोसा कर सकें.
लेकिन अनुभवी और लंबे समय तक काम करने वाले ऐसे प्रोफेशनल्स आसानी से नहीं मिलते. जब किसी खास स्किल वाले कर्मचारी की सप्लाई कम और डिमांड ज्यादा होती है, तो सैलरी बढ़ना स्वाभाविक है.
ज्यादा प्रॉपर्टीज का मतलब ज्यादा स्टाफ
इस ट्रेंड के पीछे एक और दिलचस्प वजह बताई गई है. अल्ट्रा-रिच लोग अलग-अलग जगहों पर प्रॉपर्टीज खरीद रहे हैं. एक परिवार के पास जितनी ज्यादा प्रॉपर्टीज होंगी, उन्हें मेंटेन करने के लिए उतने ही ज्यादा प्रोफेशनल्स की जरूरत पड़ सकती है.
एक प्रॉपर्टी के लिए शेफ, नैनी, शॉफर या एस्टेट मैनेजर की जरूरत हो सकती है, जबकि कई प्रॉपर्टीज वाले परिवारों में स्टाफ की संख्या और जिम्मेदारियां दोनों बढ़ जाती हैं.