कुछ बच्चों को बार- बार खांसी, जुकाम, गले में खराश और बुखार की समस्या होती रहती है. माता- पिता अलग- अलग डॉक्टरों से इलाज कराते हैं, लेकिन कोई खास फायदा नहीं मिलता है. अगर आपके बच्चे के साथ भी ये समस्या है तो इसका कारण, बचाव और इलाज के बारे में डॉक्टर से जानते हैं.
डॉक्टर बताते हैं कि कई माता-पिता बच्चे के बीमारी होने को केवल कमजोर इम्युनिटी से ही जोड़कर देखते हैं, लेकिन हर बार बीमार पड़ने का कारण कमजोर इम्यूनिटी नहीं होता है. दिल्ली के बीएलके मैक्स हॉस्पिटल में पीडियाट्रिक विभाग में प्रिंसिपल डायरेक्टर डॉ. विवेक जैन कहते हैं कि छोटे बच्चों में इम्यून सिस्टम जन्म के बाद से लेकर कुछ सालों तक विकसित हो रहा होता है. आमतौर पर 5 साल की उम्र तक पूरा इम्यून सिस्टम अच्छे से विकसित हो जाता है. ऐसे में उनको इस उम्र के दौरान बीमार पड़ने का रिस्क ज्यादा रहता है, लेकिन बच्चा को अगर बार- बार कोई इंफेक्शन हो रहा है तो ये जरूरी भी नहीं है कि इसका कारण केवल कमजोर इम्यूनिटी हो.
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बच्चे का बार- बार बीमार पड़ने के ये भी हो सकते हैं कारण
डॉ. जैन कहते हैं कि अगर बच्चा पर्याप्त नींद नहीं लेता, उसके भोजन में प्रोटीन की कमी है. फल-सब्जियों वह नहीं खाता है और दिनभर स्क्रीन पर रहता है तो भी उसको बीमारियां होने का रिस्क अधिक होता है. कई मामलों में ये भी होता है कि माता-पिता बच्चे की हाईजीन का ध्यान नहीं रखते हैं और घर में भी साफ- सफाई नहीं रखते हैं. इस कारण भी बैक्टीरिया पनपते हैं जो बच्चे के बीमार होने का कारण बन सकते हैं.
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डॉ. जैन कहते हैं कि बच्चों की इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए किसी इम्युनिटी बूस्टर या सप्लीमेंट पर निर्भर रहने के बजाय उनकी पूरे लाइफस्टाइल को ठीक करना जरूरी है. इसके लिए उसे अच्छा खाना दें और फोन की आदत से दूर रखें. बच्चे को बाहर भी खेलन के लिए लेकर जाएं.
कब डॉक्टर की सलाह जरूरी?
अगर बच्चा सामान्य वायरल संक्रमण से जल्दी ठीक हो जाता है, उसकी ग्रोथ और वजन उम्र के अनुसार बढ़ रहे हैं और वह बीमारी के बीच सामान्य रूप से सक्रिय रहता है, तो आमतौर पर ज्यादा चिंता की जरूरत नहीं होती, लेकिन अगर संक्रमण बहुत ज्यादा गंभीर हों, बार-बार अस्पताल में भर्ती की जरूरत पड़े, बार-बार निमोनिया तो फिर किसी बड़े सेंटर में दिखाकर सही इलाज कराने की जरूरत है.