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Mini Italy of India: महाराष्ट्र का ये हिल स्टेशन कहलाता है 'इटली ऑफ इंडिया', खूबसूरती देखकर लगेगा विदेश आ गए

Mini Italy of India: इटली घूमने का मन है लेकिन बजट कम है तो महाराष्ट्र का लवासा आपको विदेशी शहर जैसा एहसास दे सकता है. झील किनारे रंग-बिरंगी इमारतों और यूरोपीय स्टाइल की खूबसूरती के कारण इसे 'इटली ऑफ इंडिया' कहा जाता है.

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महाराष्ट्र का खूबसूरत हिल स्टेशन (Photo-ITG)
महाराष्ट्र का खूबसूरत हिल स्टेशन (Photo-ITG)

Mini Italy of India: भारत में घूमने के लिए एक से बढ़कर एक खूबसूरत हिल स्टेशन हैं. लेकिन आप ऐसी जगह तलाश रहे हैं, जहां पहाड़ों के बीच रहते हुए विदेश जैसा एहसास हो तो महाराष्ट्र का लवासा आपके लिए बेस्ट ऑप्शन हो सकता है. यहां की रंग-बिरंगी इमारतें, झील किनारे खूबसूरत नजारे और यूरोपीय स्टाइल की प्लानिंग इसे बाकी हिल स्टेशनों से अलग बनाती है. खास बात यह है कि लवासा को इटली के मशहूर शहर पोर्टोफिनो की तर्ज पर डिजाइन किया गया है. इसी वजह से इसे 'इटली ऑफ इंडिया' भी कहा जाता है. तो आइए जानते हैं लवासा की खासियत और आखिर इसे यह नाम क्यों मिला.

इटली के शहर से ली गई है डिजाइन की प्रेरणा
लवासा को बाकी भारतीय हिल स्टेशनों से अलग बनाने वाली सबसे खास बात इसकी प्लानिंग और वास्तुकला है. इसे इटली के मशहूर समुद्र किनारे बसे शहर पोर्टोफिनो की तर्ज पर डिजाइन किया गया था. पोर्टोफिनो अपनी रंग-बिरंगी इमारतों, छोटी गलियों, कैफे और खूबसूरत पहाड़ियों के लिए जाना जाता है.

लवासा को विकसित करते समय इसी तरह का माहौल महाराष्ट्र की पहाड़ियों के बीच तैयार करने की कोशिश की गई. यही वजह है कि यहां की इमारतों और सड़कों को देखकर आपको आम भारतीय हिल स्टेशन से कुछ अलग महसूस होता है.

झील किनारे रंग-बिरंगी इमारतें हैं खास
लवासा की सबसे खास जगहों में से एक है इसका वॉटरफ्रंट प्रोमेनेड जो दासवे झील के किनारे बना है. यहां झील के साथ घुमावदार सड़क और आसपास बनी रंग-बिरंगी इमारतें बेहद खूबसूरत लगती हैं.

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इमारतों में टेराकोटा, पीच, मस्टर्ड, ऑलिव ग्रीन और ब्रिक रेड जैसे रंगों का इस्तेमाल किया गया है. इन रंगों को खास तौर पर इटली के समुद्री शहरों की इमारतों से प्रेरित किया गया था. यहां कई जगहों पर आर्च, छोटी बालकनी, टाइल वाली छत और हल्के रंग की दीवारें देखने को मिलती हैं.

पैदल घूमने में आता है अलग मजा
लवासा की प्लानिंग इस तरह की गई है कि यहां झील किनारे पैदल घूमने का मजा लिया जा सके. चौड़े रास्तों, कैफे और झील किनारे बैठने की जगहों की वजह से यहां घूमते हुए आपको किसी यूरोपीय हॉलिडे टाउन जैसा एहसास हो सकता है.

यहां का दासवे इलाका खास तौर पर पोर्टोफिनो की शैली के सबसे करीब माना जाता है. इस हिस्से में इमारतों की ऊंचाई, रंग और डिजाइन को एक खास पैटर्न के हिसाब से तैयार किया गया है.

सिर्फ खूबसूरती ही नहीं, माहौल भी है खास
लवासा को 'इटली ऑफ इंडिया' कहने की वजह सिर्फ यहां की इमारतें नहीं हैं. झील किनारे बने कैफे, होटल, बैठने की जगहें और खूबसूरत सड़कें मिलकर यहां एक अलग हॉलिडे वाला माहौल बनाती हैं.

पहाड़ियों से घिरी झील और उसके किनारे रंग-बिरंगी इमारतों का नजारा इसे बाकी हिल स्टेशनों से अलग बनाता है. हालांकि लवासा समुद्र किनारे नहीं है लेकिन दासवे झील को यहां के पूरे इलाके का ऐसा केंद्र बनाया गया है जो पोर्टोफिनो के समुद्री किनारे की याद दिलाता है.

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क्यों जाएं लवासा?
अगर आप भारत में रहते हुए कुछ अलग तरह का ट्रैवल एक्सपीरियंस लेना चाहते हैं तो लवासा एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है. झील, पहाड़, रंग-बिरंगी इमारतें और यूरोपीय स्टाइल की प्लानिंग इसे खास बनाती है. यही वजह है कि इसे 'इटली ऑफ इंडिया' के नाम से भी जाना जाता है.

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