Water Palaces of India: भारत बेहद सुंदर देश है और इसकी खूबसूरती देखने हर साल भारी संख्या में विदेशी आते हैं. भारत अपनी ऐतिहासिक इमारतों, किलों और महलों के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है. राजस्थान के किले अपनी शौर्य की कहानी कहते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि देश में कुछ ऐसे महल भी हैं जो झीलों के बीच बने हैं?
पानी से घिरे ये शाही महल सिर्फ देखने में ही शानदार नहीं लगते, बल्कि इनके पीछे दिलचस्प इतिहास भी छिपा है. अगर आपको इतिहास, फोटोग्राफी और खूबसूरत जगहों की सैर पसंद है, तो ये वॉटर पैलेस आपको एक बार जरूर देखने चाहिए, जहां आपको न सिर्फ रॉयल फील होगा, इसके साथ ही आपको एक अलग ही अनुभव भी मिलेगा.
आइए आपको भारत के पांच सबसे खूबसूरत और पॉपुलर वॉटर प्लेस के बारे में बताते हैं, जिनको आप तुरंत अपनी ट्रैवल लिस्ट में शुमार कर लीजिए.
जल महल, जयपुर
राजस्थान की राजधानी जयपुर का जलमहल काफी फेमस है और उसे देखने के लिए लोग दूर-दूर से आते हैं. मानसागर झील के बीचों-बीच बना जल महल राजस्थान की सबसे खूबसूरत पहचान में से एक है.18वीं सदी में महाराजा माधो सिंह प्रथम ने इसे बनवाया था. इसकी खास बात यह है कि झील में पानी भर जाने पर महल की पांच में से चार मंजिलें पानी के अंदर चली जाती हैं, जिससे यह महल पानी पर तैरता हुआ दिखाई देता है.
राजपूत और मुगल वास्तुकला का शानदार मेल इस महल को और भी खास बनाता है. हालांकि पर्यटकों को अंदर जाने की अनुमति नहीं है, लेकिन झील किनारे से इसका नजारा बेहद शानदार लगता है, खासकर सनराइस और सनसेट के समय पानी के बीच बने इस महल की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है.
ताज लेक पैलेस, उदयपुर
राजस्थान का उदयपुर घूमने की शौकीन लोगों की बकेट लिस्ट में जरूर शामिल रहता है, लेकिन इसकी खूबसूरती में पिछोला झील पर बना ताज लेक पैलेस चार चांद लगाने का काम करता है. सफेद संगमरमर से बना यह महल किसी सपनों के महल से कम नहीं लगता. 1743 से 1746 के बीच महाराणा जगत सिंह द्वितीय ने अपने शाही ग्रीष्मकालीन निवास के रूप में बनवाया था.
आज यह एक लग्जरी हेरिटेज होटल है, जहां दुनियाभर से पर्यटक ठहरने आते हैं. झील, आसपास की अरावली पहाड़ियां और उदयपुर सिटी पैलेस का नजापा इस जगह को बेहद खास बना देता है.
नीरमहल, त्रिपुरा
अगर आप पूर्वोत्तर भारत घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो नीरमहल जरूर देखें. रुद्रसागर झील के बीच बना यह महल पूर्वी भारत का सबसे बड़ा वॉटर पैलेस माना जाता है. इसे 1930 में त्रिपुरा के आखिरी राजा महाराजा बीर बिक्रम किशोर माणिक्य बहादुर ने बनवाया था.
हिंदू और मुगल शैली में बने इस महल तक जाने के लिए नाव की सवारी करनी पड़ती है, जो सफर को और भी यादगार बना देती है. हर साल यहां नीरमहल वॉटर फेस्टिवल होता है, जो यहां आने वाले लोगों को खूब अट्रैक्ट करता है.
जय विलास पैलेस, ग्वालियर
मध्य प्रदेश के ग्वालियर का जय विलास पैलेस पूरी तरह पानी के बीच नहीं बना है, लेकिन इसकी डिजाइन में फव्वारे, सजावटी तालाब और पानी की खूबसूरत संरचनाएं शामिल हैं, जो इसे एक अलग पहचान देती हैं.
1874 में महाराजा जयाजीराव सिंधिया द्वारा बनवाया गया यह महल यूरोपीय वास्तुकला से प्रेरित है. इसका विशाल दरबार हॉल और विशाल झूमर दुनिया भर में पॉपुलर हैं, आज यहां का संग्रहालय शाही जीवन की झलक दिखाता है.
केरल के बैकवॉटर महल
केरल अपनी झीलों और बैकवॉटर महल के लिए जाना जाता है, यहां कई पुराने शाही महल और हवेलियां पानी के किनारे या झीलों के आसपास बनाई गई थीं. इन इमारतों की खासियत लकड़ी की बेहतरीन कारीगरी, ढलानदार छतें और नेचुरल ब्यूटी के साथ परफेक्ट कॉम्बिनेशन है.
अगर आप शांत माहौल, हरियाली और पानी के किनारे बने ऐतिहासिक महलों का लुफ्त उठाना चाहते हैं, तो केरल की बैकवॉटर महल आपको जरूर पसंद आएगा
क्यों करें इन जगहों की सैर?
यहां आपको शानदार फोटो क्लिक करने का मौका मिलेगा, शाही इतिहास जानने को मिलेगा और एक यादगार ट्रैवल एक्सपीरियंस भी मिलेगा. इसलिए अगली छुट्टियों में इन खूबसूरत वॉटर पैलेस को अपनी बकेट लिस्ट में जरूर शामिल करें.