उत्तर प्रदेश के आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर हुए चर्चित विवाद के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरपीएफ का पक्ष रखने वाले वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त पी. राजमोहन का तबादला कर दिया गया है. चर्चा है कि यह ट्रांसफर प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री को प्रेस वार्ता के दौरान खड़े होकर सलाम करने की वजह से हुआ है. हालांकि, रेलवे बोर्ड के ट्रांसफर आदेश में ऐसी किसी वजह का उल्लेख नहीं है. आदेश में केवल इतना लिखा गया है कि तबादला 'प्रशासनिक आधार' पर किया गया है.
रेलवे बोर्ड ने 16 जुलाई 2026 को जारी आदेश में आगरा के वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त (Sr. DSC) पी. राजमोहन को उत्तर मध्य रेलवे से स्थानांतरित कर पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR) में डिप्टी चीफ सिक्योरिटी कमिश्नर (कंस्ट्रक्शन) के पद पर नियुक्त कर दिया है.
आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि अधिकारी तत्काल नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें और ज्वाइनिंग की तारीख की सूचना रेलवे बोर्ड को भेजी जाए.
राजमोहन वही अधिकारी हैं जिन्होंने कुछ दिन पहले आगरा कैंट स्टेशन पर रेलवे अधिकारियों और आरपीएफ के बीच हुए विवाद के बाद प्रेस वार्ता कर आरपीएफ का पक्ष रखा था.
उस प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री, रेलमंत्री और डीजी आरपीएफ के पदों का उल्लेख करते हुए आरपीएफ की कार्यप्रणाली और कार्रवाई का बचाव किया था. इसी को लेकर रेलवे और सुरक्षा महकमे में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं.
अब उनके तबादले के बाद प्रशासनिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं. कुछ लोग इसे प्रेस वार्ता से जोड़ रहे हैं, जबकि कुछ इसे सामान्य प्रशासनिक फेरबदल बता रहे हैं. हालांकि, रेलवे बोर्ड के आधिकारिक आदेश में तबादले का कारण केवल "Administrative Ground" यानी "प्रशासनिक आधार" बताया गया है. आदेश में कहीं भी प्रेस वार्ता, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री या किसी अन्य घटना का उल्लेख नहीं किया गया है.
ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या रेलवे प्रशासन इस ट्रांसफर को लेकर कोई विस्तृत स्पष्टीकरण जारी करता है या फिर इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा ही माना जाएगा.