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Gangotri Dham Kapat Close: चारधाम यात्रा के लिए बचे चंद दिन! गंगोत्री धाम के कपाट 10 नवंबर को होंगे बंद, सर्दियों में यहां विराजेंगी मां गंगा

चारधाम यात्रा अपने आखिर पड़ाव पर है और गंगोत्री-यमनोत्री और केदारनाथ धाम के कपाट महज कुछ दिनों में शीतकालीन के लिए बंद हो जाएंगे. कपाट बंद करने की तारीफों का ऐलान हो गया है, अन्नकूटा पर्व के मौके पर गंगोत्री धाम के कपाट बंद किए जाएंगे, अगर आप चारधाम यात्रा पर जाने वाले हैं तो इन तारीफों का खास ध्यान रखें.

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चारधाम यात्रा अपने आखिरी पड़ाव आ गई है. (PHOTO:ITG)
चारधाम यात्रा अपने आखिरी पड़ाव आ गई है. (PHOTO:ITG)

Gangotri Dham Kapat Closing Date 2026: चारधाम की यात्रा का भारतीयों के बीच काफी महत्व है और हर साल इस यात्रा में हजारों-लाखों लोग शामिल होते हैं. गंगोत्री धाम करने वालों के लिए बड़ी खबर सामने आई है कि 10 नंवबर को धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए बंद हो जाएंगे. अब सिर्फ धाम के दर्शन करने के लिए महज 19 दिन रह गए हैं और इन दिनों में करीबन 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है. 

उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा में यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ के पवित्र धाम शामिल हैं. यह यात्रा आमतौर पर हरिद्वार या ऋषिकेश से शुरू होकर लगभग 10 से 12 दिनों में पूरी होती है.  अन्नकूट पर्व पर 10 नवंबर को गंगोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे. 

कब बंद होंगे यमुनोत्री-केदारनाथ के कपाट?

पंरपरा के मुताबिक, गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने के ठीक 1 दिन बाद यानी 11 नवंबर भैयादूज पर्व पर बंद किए जाएंगे.  चारधाम यात्रा करने वाले लोगों के पास अब सिर्फ 19 दिन रह गए हैं, जिसमें उनको अपनी इस मुश्किल यात्रा को पूरा करना है. 

10 लाख श्रद्धालुओं के आने की है उम्मीद

19 अप्रैल को गंगोत्री और यमनोत्री धाम के कपाट लोगों के लिए खोल दिए गए थे और अब मानसून बीतने के बाद नवंबर में भारी संख्या में लोगों की आंशका जताई जा रही है. जानकारी के अनुसार, अलग प्रदेश बनने के बाद यह पहला मौका है, जब 10 लाख श्रद्धालुओं की संख्या अकेले गंगोत्री धाम के दर्शन करने पहुंच रही है.

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दिन में कितने बजे बंद होंगे गंगोत्री के कपाट

यहां के तीर्थ पुरोहित और होटल मालिकों का भी चारधाम यात्रा के आखिरी पड़ाव में ज्यादा संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद जताई है. आखिरी पड़ाव के बावजूद सफर के दौरान लोगों की भारी संख्या देखने को मिल रही है. सबसे खास बात यह है कि गंगोत्री मंदिर तक सीधे गाड़ी के द्वारा पहुंचा जा सकता है, यहां कोई लंबा पैदल ट्रैक नहीं है. मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने बताया है कि अन्नकूट और गोवर्धन पूजा के दिन 10 नवंबर, मंगलवार को गंगोत्री धाम के कपाट दोपहर 12:05 बजे बंद कर दिए जाएंगे. 

मुखबा में होंगे मां गंगा के दर्शन

गंगोत्री के कपाट बंद होने के बाद मां गंगा की उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल मुखवा के लिए रवाना होगी. अगले छह महीने तक मां गंगा मुखबा स्थित गंगा मंदिर में विराजमान रहती हैं. सर्दियों में भारी बर्फबारी के कारण गंगोत्री धाम के कपाट बंद रहते हैं, इसलिए श्रद्धालु मुखबा गांव में ही मां गंगा की नियमित पूजा-अर्चना और दर्शन कर सकते हैं. 

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